रतलाम...
रतलाम शहर के गांधी नगर स्थित सेंट स्टीफन्स हायर सेकेंडरी स्कूल के बाहर 11 केवी हाईटेंशन लाइन और विद्युत डीपी लगाने की तैयारी ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हैरानी की बात यह है कि जहां रोजाना सैकड़ों विद्यार्थी आवाजाही करते हैं, वहीं स्कूल के मुख्य प्रवेश द्वार से सटाकर ट्रांसफार्मर स्थापित करने का कार्य शुरू कर दिया गया। स्थानीय लोगों के विरोध के बाद फिलहाल काम रोक दिया गया है, लेकिन मामला अब प्रशासनिक जवाबदेही का विषय बन गया है।
स्कूल प्रबंधन ने 12 मई 2026 को ही मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों को लिखित आवेदन देकर स्पष्ट चेतावनी दी थी कि विद्यालय परिसर के समीप दो मतदान केंद्र संचालित होते हैं तथा यहां बड़ी संख्या में विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इसके बावजूद सुरक्षा मानकों को लेकर उठाई गई आपत्तियों के बीच कार्य प्रारंभ होना कई सवाल खड़े कर रहा है।
विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि प्रस्तावित डीपी स्कूल के गेट के बिल्कुल समीप है और गेट पूरी तरह खोलने पर ट्रांसफार्मर से टकराने की स्थिति बन जाती है। छुट्टी के समय इसी मार्ग से बच्चों की भीड़ निकलती है। ऐसे में किसी भी तकनीकी खराबी, स्पार्किंग या बरसात के दौरान करंट फैलने जैसी स्थिति बड़ा हादसा साबित हो सकती है।
स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि सर्वे के दौरान स्कूल, सार्वजनिक उपयोग और सुरक्षा मानकों जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं की अनदेखी की गई। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब क्षेत्र में वर्षों से स्कूल संचालित है और स्कूल का बोर्ड भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है, तब आखिर किस आधार पर बच्चों की सुरक्षा को जोखिम में डालने वाला स्थान चुना गया?
सबसे चिंताजनक बात यह है कि नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने वाला है और कुछ ही दिनों में सैकड़ों मासूम इसी मार्ग से गुजरेंगे। ऐसे में यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो किसी भी अप्रिय घटना के बाद जिम्मेदारी तय करना आसान नहीं होगा।
नागरिकों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन, कलेक्टर, विद्युत सुरक्षा विभाग और एमपीईबी के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, संबंधित तकनीकी सर्वे की समीक्षा की जाए और यदि सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई जाती है तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
सवाल यह है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार करेगा, या फिर स्कूल खुलने से पहले बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस "हाई वोल्टेज खतरे" को तत्काल दूर करेगा?
इनका कहना
"लोड सेंटर के आधार पर डीपी लगाई जा रही थी। शिकायत मिलने के बाद कार्य रुकवा दिया गया है। स्थल का निरीक्षण कर आवश्यकता अनुसार स्थान परिवर्तन कराया जाएगा।" — राजेंद्र कुमार रंगीला, सहायक यंत्री, एमपीईबी, रतलाम
रिपोर्टर : जितेंद्र कुमावत