रतलाम
रतलाम शहर के सगोद रोड स्थित प्राचीन श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर को लेकर चल रहा विवाद अब एक बड़े प्रशासनिक और कानूनी मुद्दे के रूप में सामने आ गया है। सोमवार 8 जून 2026 को महंत श्री कृष्णदास मौनी बाबा महाराज एवं उनके शिष्य सेवानाथ जी ने पुलिस अधीक्षक और एसडीएम कार्यालय पहुंचकर विस्तृत शिकायत एवं ज्ञापन सौंपते हुए मंदिर परिसर में हुई घटनाओं की निष्पक्ष जांच तथा संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में महंत मौनी बाबा ने आरोप लगाया है कि मंदिर से जुड़े तथाकथित ट्रस्ट के पदाधिकारियों और कुछ राजनीतिक प्रभाव वाले लोगों की मिलीभगत से पुलिस बल का उपयोग कर वर्षों से चली आ रही सेवा-पूजा एवं पुरुषोत्तम मास में चल रहे अखंड रामायण पाठ को बाधित किया गया। ज्ञापन में दावा किया गया है कि जबकि पूरा मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसके बावजूद डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव द्वारा सिविल ड्रेस में आधी रात को मंदिर परिसर पहुंचकर कार्रवाई की गई।
शिकायत के अनुसार, मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे बंद कर डीवीआर मशीन अपने साथ ले जाने, उपस्थित साधु-संतों एवं पुजारियों के मोबाइल फोन जब्त करने, गाली-गलौज एवं बलपूर्वक मंदिर से बाहर निकालने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। महंत पक्ष का कहना है कि मंदिर में अनादिकाल से चली आ रही धार्मिक परंपराओं को बाधित कर संत समाज की भावनाओं को आहत किया गया है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि 3 जून की शाम मंदिर में स्थापित दानपात्र का ताला तोड़कर उसमें मौजूद श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई राशि निकाल ली गई। साथ ही ट्रस्ट पर वर्ष 2020 से आय-व्यय का कोई सार्वजनिक हिसाब नहीं देने और मंदिर की व्यवस्थाओं में मनमानी करने के आरोप भी लगाए गए हैं।
महंत मौनी बाबा ने अपने आवेदन में उल्लेख किया है कि विभिन्न न्यायालयों में चल रहे प्रकरणों के दौरान मंदिर के संचालन और कब्जे को लेकर कई आदेश पारित हो चुके हैं, जबकि ट्रस्ट द्वारा बलपूर्वक कब्जा लेने के आवेदन को न्यायालय पहले ही निरस्त कर चुका है। इसके बावजूद साधु-संतों के साथ कथित मारपीट और अभद्र व्यवहार कर उन्हें मंदिर से हटाने का प्रयास किया गया।
महंत श्री कृष्णदास मौनी बाबा एवं उनके शिष्य सेवानाथ जी ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित पुलिस अधिकारियों, ट्रस्ट पदाधिकारियों एवं अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाए तथा मंदिर में पूर्ववत धार्मिक गतिविधियां संचालित करने के लिए आवश्यक सुरक्षा एवं सहयोग प्रदान किया जाए।
फिलहाल यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। शिकायत में लगाए गए आरोप महंत पक्ष द्वारा प्रस्तुत किए गए हैं। संबंधित ट्रस्ट और पुलिस प्रशासन की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है।
क्राइम रिपोर्टर : जितेन्द्र कुमावत