जावद। एन.डी.पी.एस. विशेष न्यायालय जावद ने अंतर्राज्यीय मादक पदार्थ तस्करी के एक बड़े मामले में ऐतिहासिक निर्णय सुनाते हुए दो तस्करों को कुल 31-31 वर्ष के सश्रम कारावास और 3,25,000-3,25,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
माननीय विशेष न्यायाधीश श्री विनोद कुमार पाटीदार द्वारा यह फैसला सुनाया गया।
क्या था पूरा मामला?
विशेष लोक अभियोजक श्री सुशील ऐरन (सीबीएन) के अनुसार:
दिनांक 20.11.2024 को जिला अफीम अधिकारी, नीमच कार्यालय को गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि 21.11.2022 को अशोक लीलैंड ट्रक से नयागांव क्षेत्र से अवैध मादक पदार्थ की अंतर्राज्यीय तस्करी की जाएगी।
सूचना के आधार पर सीबीएन की निवारक टीम ने 21.11.2022 को सुबह 5 बजे नयागांव रेलवे क्रॉसिंग के पास घेराबंदी की।
ट्रक को नयागांव टोल नाके पर रोककर तलाशी ली गई।
बरामदगी चौंकाने वाली
ट्रक से कुल 581 कट्टे बरामद हुए, जिनमें:
375 कट्टों में नमक भरा था
206 कट्टों में 4109 किलोग्राम डोडाचूरा
एक हरी थैली में 5 किलो 100 ग्राम अफीम
आरोपी नमक की आड़ में मादक पदार्थों को जोधपुर (राजस्थान) ले जा रहे थे।
दोषी आरोपी
1. राजमल उर्फ राजू (40 वर्ष)
2. भेरूलाल (28 वर्ष)
दोनों निवासी ग्राम दाता, तहसील कपासन, जिला चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)।
न्यायालय का फैसला
आरोपियों को:
धारा 8(सी)/18(बी) एनडीपीएस एक्ट के तहत
20-20 वर्ष सश्रम कारावास + 1,25,000 रुपये जुर्माना
धारा 8(सी)/15(सी) एनडीपीएस एक्ट के तहत
11-11 वर्ष सश्रम कारावास + 2,00,000 रुपये जुर्माना
दोनों सजाएं पृथक-पृथक (एक के बाद एक) भुगताने का आदेश दिया गया, जिससे कुल सजा 31-31 वर्ष हुई।
यायालय की टिप्पणी
न्यायालय ने टिप्पणी की कि अत्यधिक मात्रा में मादक पदार्थ की तस्करी समाज और विशेषकर युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। आरोपियों की संलिप्तता संगठित तस्करी गिरोह से जुड़ी प्रतीत होती है, इसलिए अधिकतम कठोर दंड दिया जाना उचित है।
प्रकरण में शासन की ओर से प्रभावी पैरवी विशेष लोक अभियोजक श्री सुशील ऐरन ने की, जबकि अधिवक्ता सुश्री दीपशिखा रावल का भी सराहनीय योगदान रहा।
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यह फैसला मादक पदार्थ तस्करी के विरुद्ध एक सख्त संदेश माना जा रहा है कि कानून के शिकंजे से कोई नहीं बच सकता।