• शहर : नगर परिषद कार्यालय के पीछे वाले हॉल में लगी आग, प्रशासन ने शुरू की जांच.....पुराने शासकीय रिकॉर्ड व कम्प्यूटर उपकरण जले

    ARPIT HARDENIYA   - आगर मालवा
    शहर
    शहर   - आगर मालवा[08-03-2026]
  • प्रशासन ने शुरू की जांच

    ई-रिक्शा खरीदी फाइलें सुरक्षित होने का दावा:-



    आगर मालवा: सुसनेर नगर परिषद कार्यालय सुसनेर में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात अचानक आग लगने की घटना सामने आने से नगर में हड़कंप मच गया। आग परिषद भवन के पीछे स्थित पुराने हॉल में अज्ञात कारणों से लगी, जिससे वहां रखे कई वर्षों पुराने शासकीय रिकॉर्ड, महत्वपूर्ण फाइलें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण आग की चपेट में आ गए।  सूचना मिलने के बाद नगर परिषद कर्मचारियों और फायर ब्रिगेड की मदद से आग पर काबू पाया गया। आग बुझने के बाद कार्यालय के अंदर का वीडियो भी सामने आया है। जिसमें कई फाइलें और कार्यालय का सामान जला हुआ दिखाई दे रहा है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी ओमप्रकाश नागर ने बताया कि 6 मार्च 2026 की रात वे अपने निजी निवास पर थे। इसी दौरान रात करीब 1:30 बजे कर्मचारी का फोन आया। उन्होंने बताया कि नगर परिषद कार्यालय के पीछे वाले कमरे से धुआं निकल रहा है। सूचना मिलते ही सीएमओ नागर तत्काल नगर परिषद कार्यालय पहुंचे। मौके पर पहुंचने पर देखा गया कि परिषद के कर्मचारी और फायर ब्रिगेड की टीम आग बुझाने में जुटी हुई थी। कर्मचारियों और दमकल कर्मियों के संयुक्त प्रयास से कुछ ही समय में आग पर काबू पा लिया गया। जिससे आग को आगे फैलने से रोक लिया गया। आग पर काबू पाने के बाद जब कर्मचारियों ने नगर परिषद भवन के अंदर जाकर निरीक्षण किया तो पाया गया कि भवन के पीछे स्थित हॉल में रखे कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और कार्यालय का सामान आग की चपेट में आ गया है।
    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग में करीब 20 से 25 वर्ष पुराने शासकीय रिकॉर्ड प्रभावित हुए हैं। इनमें नवीन नल कनेक्शन से संबंधित रिकॉर्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना की फाइलें, पुराने रसीद कट्टे, जन्म-मृत्यु पंजीयन से जुड़ी फाइलें तथा अन्य कई प्रशासनिक दस्तावेज शामिल हैं। इसके अलावा आग में दो लैपटॉप, एक कम्प्यूटर सेट तथा कार्यालय में रखी टेबल और कुर्सियां भी जलकर क्षतिग्रस्त हो गईं। कई फाइलें पूरी तरह जल गईं। जबकि कुछ फाइलें आंशिक रूप से झुलस गई हैं।अधिकारियों का कहना है कि सभी रिकॉर्ड का विस्तृत परीक्षण करने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कितने दस्तावेज पूरी तरह नष्ट हुए हैं और कितने आंशिक रूप से सुरक्षित हैं। नगर परिषद कार्यालय में लगी आग के कारण महत्वपूर्ण दस्तावेजों के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि कई रिकॉर्ड की प्रतियां अन्य विभागों में भी उपलब्ध हो सकती हैं। इसलिए वास्तविक नुकसान का आकलन जांच के बाद ही किया जा सकेगा।

    जांच दल ने मौके पर पहुँचकर की जांच शुरू:-

    घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमला भी सक्रिय हो गया। एसडीएम सर्वेश यादव के निर्देश पर तहसीलदार रामेश्वर दांगी, जनपद सीईओ के प्रतिनिधि उपयंत्री ऋषभ अग्निहोत्री, थाना प्रभारी अक्षय सिंह बेस, बिजली विभाग एई इमरान खान ने परिषद कार्यालय पहुंचे और घटनास्थल का बारीकी से जांच की ताकि गतिविधियों का पता चल सके। जिसके बाद जांच दल ने नगर परिषद कर्मचारियों से घटना के संबंध में जानकारी ली और उनके बयान भी दर्ज किए। इसके साथ ही नगर परिषद भवन में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जांची गई ताकि आग लगने की घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। प्रशासन का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और हर पहलू को ध्यान में रखकर पड़ताल की जा रही है।

    ई-रिक्शा खरीदी फाइलें सुरक्षित होने का दावा:-

    नगर परिषद कार्यालय में आगजनी की घटना के बाद मामला सवालों के घेरे में आ गया है। कुछ लोगों द्वारा इसे ई-रिक्शा खरीदी मामले से जोड़कर भी देखा जा रहा है। हालांकि सीएमओ ओपी नागर ने इन कयासों को खारिज करते हुए कहा कि आग में केवल पुराना रिकॉर्ड ही जला है। उन्होंने बताया कि वर्तमान के सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज पूरी तरह सुरक्षित हैं। वहीं ई-रिक्शा खरीदी से संबंधित दस्तावेज ईओडब्ल्यू और लोकायुक्त के पास भी मौजूद हैं।

    घटनाक्रम इस प्रकार रहा:-

    • रात 10:48 बजे नगर परिषद कार्यालय का चौकीदार बाइक से कार्यालय पहुंचा।

    • रात 11:38 बजे चौकीदार किसी कार्य से वापस अपने घर चला गया।

    • रात 12:49 बजे सीसीटीवी फुटेज में नगर परिषद भवन के पीछे वाले हिस्से से आग की लपटें दिखाई देना शुरू हुईं।

    • रात करीब 1:15 बजे सबसे पहले पुलिस मौके पर पहुंची।

    • इसके बाद डायल 112 की टीम भी मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।

    • सूचना मिलने के बाद आसपास के रहवासी भी मौके पर पहुंच गए।

    • इसके बाद नगर परिषद के कर्मचारियों के मौके पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ।

    • कर्मचारियों और फायर ब्रिगेड की मदद से आग बुझाने का कार्य शुरू किया गया और कुछ समय बाद आग पर काबू पा लिया गया।

    सीसीटीवी फुटेज को लेकर भी उठे सवाल:-

    सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज का कुछ हिस्सा ही देखा गया। बताया जा रहा है कि यदि फुटेज को आगे तक देखा जाता तो नगर परिषद की दमकल गाड़ी और चौकीदार के वापस पहुंचने से जुड़ी जानकारी भी सामने आ सकती थी। हालांकि इस संबंध में अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। प्रशासन का कहना है कि आवश्यकतानुसार सीसीटीवी फुटेज की आगे भी जांच की जाएगी। 



    जांच के बाद ही स्पष्ट होगा वास्तविक नुकसान:-

    नगर परिषद अधिकारियों का कहना है कि आग में कितने दस्तावेज पूरी तरह नष्ट हुए हैं और कितने आंशिक रूप से प्रभावित हुए हैं इसका सही आकलन रिकॉर्ड की पूरी जांच के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल कर्मचारियों द्वारा जले हुए रिकॉर्ड को अलग किया जा रहा है और सुरक्षित बचे दस्तावेजों को व्यवस्थित किया जा रहा है। आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक तौर पर इसे शॉर्ट सर्किट या अन्य तकनीकी कारणों से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारण सामने आ पाएगा। नगर परिषद कार्यालय में लगी इस आग की घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं क्योंकि जिस स्थान पर महत्वपूर्ण शासकीय रिकॉर्ड रखे गए थे, वहां सुरक्षा और अग्निशमन व्यवस्था कितनी प्रभावी थी, इसकी भी जांच की जा रही है। फिलहाल प्रशासन द्वारा पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और आग से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही इस घटना के कारणों और वास्तविक नुकसान की स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।



    इनका कहना:-
    आगजनी घटना को लेकर 4 सदस्यीय जांच दल का गठन किया गया है। जांच दल 3 दिन में जांच प्रतिवेदन सौंपेगा। उसके बाद घटना के वास्तविक कारणों का पता लग पायेगा। 
          सर्वेश यादव 
        एसडीएम सुसनेर



    संवाददाता:-अर्पित हरदेनिया 







  • शहर : नगर परिषद कार्यालय के पीछे वाले हॉल में लगी आग, प्रशासन ने शुरू की जांच.....पुराने शासकीय रिकॉर्ड व कम्प्यूटर उपकरण जले

    ARPIT HARDENIYA   - आगर मालवा
    शहर
    शहर   - आगर मालवा[08-03-2026]

    प्रशासन ने शुरू की जांच

    ई-रिक्शा खरीदी फाइलें सुरक्षित होने का दावा:-



    आगर मालवा: सुसनेर नगर परिषद कार्यालय सुसनेर में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात अचानक आग लगने की घटना सामने आने से नगर में हड़कंप मच गया। आग परिषद भवन के पीछे स्थित पुराने हॉल में अज्ञात कारणों से लगी, जिससे वहां रखे कई वर्षों पुराने शासकीय रिकॉर्ड, महत्वपूर्ण फाइलें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण आग की चपेट में आ गए।  सूचना मिलने के बाद नगर परिषद कर्मचारियों और फायर ब्रिगेड की मदद से आग पर काबू पाया गया। आग बुझने के बाद कार्यालय के अंदर का वीडियो भी सामने आया है। जिसमें कई फाइलें और कार्यालय का सामान जला हुआ दिखाई दे रहा है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी ओमप्रकाश नागर ने बताया कि 6 मार्च 2026 की रात वे अपने निजी निवास पर थे। इसी दौरान रात करीब 1:30 बजे कर्मचारी का फोन आया। उन्होंने बताया कि नगर परिषद कार्यालय के पीछे वाले कमरे से धुआं निकल रहा है। सूचना मिलते ही सीएमओ नागर तत्काल नगर परिषद कार्यालय पहुंचे। मौके पर पहुंचने पर देखा गया कि परिषद के कर्मचारी और फायर ब्रिगेड की टीम आग बुझाने में जुटी हुई थी। कर्मचारियों और दमकल कर्मियों के संयुक्त प्रयास से कुछ ही समय में आग पर काबू पा लिया गया। जिससे आग को आगे फैलने से रोक लिया गया। आग पर काबू पाने के बाद जब कर्मचारियों ने नगर परिषद भवन के अंदर जाकर निरीक्षण किया तो पाया गया कि भवन के पीछे स्थित हॉल में रखे कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और कार्यालय का सामान आग की चपेट में आ गया है।
    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग में करीब 20 से 25 वर्ष पुराने शासकीय रिकॉर्ड प्रभावित हुए हैं। इनमें नवीन नल कनेक्शन से संबंधित रिकॉर्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना की फाइलें, पुराने रसीद कट्टे, जन्म-मृत्यु पंजीयन से जुड़ी फाइलें तथा अन्य कई प्रशासनिक दस्तावेज शामिल हैं। इसके अलावा आग में दो लैपटॉप, एक कम्प्यूटर सेट तथा कार्यालय में रखी टेबल और कुर्सियां भी जलकर क्षतिग्रस्त हो गईं। कई फाइलें पूरी तरह जल गईं। जबकि कुछ फाइलें आंशिक रूप से झुलस गई हैं।अधिकारियों का कहना है कि सभी रिकॉर्ड का विस्तृत परीक्षण करने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कितने दस्तावेज पूरी तरह नष्ट हुए हैं और कितने आंशिक रूप से सुरक्षित हैं। नगर परिषद कार्यालय में लगी आग के कारण महत्वपूर्ण दस्तावेजों के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि कई रिकॉर्ड की प्रतियां अन्य विभागों में भी उपलब्ध हो सकती हैं। इसलिए वास्तविक नुकसान का आकलन जांच के बाद ही किया जा सकेगा।

    जांच दल ने मौके पर पहुँचकर की जांच शुरू:-

    घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमला भी सक्रिय हो गया। एसडीएम सर्वेश यादव के निर्देश पर तहसीलदार रामेश्वर दांगी, जनपद सीईओ के प्रतिनिधि उपयंत्री ऋषभ अग्निहोत्री, थाना प्रभारी अक्षय सिंह बेस, बिजली विभाग एई इमरान खान ने परिषद कार्यालय पहुंचे और घटनास्थल का बारीकी से जांच की ताकि गतिविधियों का पता चल सके। जिसके बाद जांच दल ने नगर परिषद कर्मचारियों से घटना के संबंध में जानकारी ली और उनके बयान भी दर्ज किए। इसके साथ ही नगर परिषद भवन में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जांची गई ताकि आग लगने की घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। प्रशासन का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और हर पहलू को ध्यान में रखकर पड़ताल की जा रही है।

    ई-रिक्शा खरीदी फाइलें सुरक्षित होने का दावा:-

    नगर परिषद कार्यालय में आगजनी की घटना के बाद मामला सवालों के घेरे में आ गया है। कुछ लोगों द्वारा इसे ई-रिक्शा खरीदी मामले से जोड़कर भी देखा जा रहा है। हालांकि सीएमओ ओपी नागर ने इन कयासों को खारिज करते हुए कहा कि आग में केवल पुराना रिकॉर्ड ही जला है। उन्होंने बताया कि वर्तमान के सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज पूरी तरह सुरक्षित हैं। वहीं ई-रिक्शा खरीदी से संबंधित दस्तावेज ईओडब्ल्यू और लोकायुक्त के पास भी मौजूद हैं।

    घटनाक्रम इस प्रकार रहा:-

    • रात 10:48 बजे नगर परिषद कार्यालय का चौकीदार बाइक से कार्यालय पहुंचा।

    • रात 11:38 बजे चौकीदार किसी कार्य से वापस अपने घर चला गया।

    • रात 12:49 बजे सीसीटीवी फुटेज में नगर परिषद भवन के पीछे वाले हिस्से से आग की लपटें दिखाई देना शुरू हुईं।

    • रात करीब 1:15 बजे सबसे पहले पुलिस मौके पर पहुंची।

    • इसके बाद डायल 112 की टीम भी मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।

    • सूचना मिलने के बाद आसपास के रहवासी भी मौके पर पहुंच गए।

    • इसके बाद नगर परिषद के कर्मचारियों के मौके पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ।

    • कर्मचारियों और फायर ब्रिगेड की मदद से आग बुझाने का कार्य शुरू किया गया और कुछ समय बाद आग पर काबू पा लिया गया।

    सीसीटीवी फुटेज को लेकर भी उठे सवाल:-

    सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज का कुछ हिस्सा ही देखा गया। बताया जा रहा है कि यदि फुटेज को आगे तक देखा जाता तो नगर परिषद की दमकल गाड़ी और चौकीदार के वापस पहुंचने से जुड़ी जानकारी भी सामने आ सकती थी। हालांकि इस संबंध में अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। प्रशासन का कहना है कि आवश्यकतानुसार सीसीटीवी फुटेज की आगे भी जांच की जाएगी। 



    जांच के बाद ही स्पष्ट होगा वास्तविक नुकसान:-

    नगर परिषद अधिकारियों का कहना है कि आग में कितने दस्तावेज पूरी तरह नष्ट हुए हैं और कितने आंशिक रूप से प्रभावित हुए हैं इसका सही आकलन रिकॉर्ड की पूरी जांच के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल कर्मचारियों द्वारा जले हुए रिकॉर्ड को अलग किया जा रहा है और सुरक्षित बचे दस्तावेजों को व्यवस्थित किया जा रहा है। आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक तौर पर इसे शॉर्ट सर्किट या अन्य तकनीकी कारणों से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारण सामने आ पाएगा। नगर परिषद कार्यालय में लगी इस आग की घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं क्योंकि जिस स्थान पर महत्वपूर्ण शासकीय रिकॉर्ड रखे गए थे, वहां सुरक्षा और अग्निशमन व्यवस्था कितनी प्रभावी थी, इसकी भी जांच की जा रही है। फिलहाल प्रशासन द्वारा पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और आग से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही इस घटना के कारणों और वास्तविक नुकसान की स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।



    इनका कहना:-
    आगजनी घटना को लेकर 4 सदस्यीय जांच दल का गठन किया गया है। जांच दल 3 दिन में जांच प्रतिवेदन सौंपेगा। उसके बाद घटना के वास्तविक कारणों का पता लग पायेगा। 
          सर्वेश यादव 
        एसडीएम सुसनेर



    संवाददाता:-अर्पित हरदेनिया 





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