हरदा (मध्य प्रदेश)
ग्रामीण मध्य प्रदेश में एक ऐसा हृदयविदारक और डरावना प्रसव हादसा हुआ है जिसे पढ़कर किसी का भी कलेजा काँप जाएगा। मात्र 19 साल की युवती अंजू ने खेत में प्रसव पीड़ा के दौरान खुद डिलीवरी करने की कोशिश की, जिसमें नवजात शिशु का सिर और धड़ अलग-अलग हो गया। बच्चे का धड़ बाहर निकल आया, लेकिन सिर माँ के पेट में फंस गया।
खेत बन गया मौत का मैदान
शुक्रवार शाम करीब 5 बजे हरदा जिले के मांगरूल गांव के निकट विष्णु के खेत में यह दर्दनाक घटना घटी। अंजू अपने पति जितेंद्र के साथ मजदूरी कर रही थी। अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हुई। अस्पताल जाने की बजाय युवती ने खेत में ही बच्चे को निकालने की कोशिश की।
जोर लगाते ही बच्चे के पैर बाहर आए, फिर पूरा धड़ बाहर आ गया — लेकिन सिर पेट के अंदर फंस गया। बच्चे का धड़ सिर से पूरी तरह अलग हो चुका था। चीख-पुकार सुनकर परिजन दौड़े आए। घबराए परिवार ने बच्चे के धड़ को पॉलीथिन की थैली में रखा और अंजू को तुरंत गाड़ी से हरदा जिला अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में चला ऑपरेशन ड्रामा
जिला अस्पताल पहुंचते ही महिला डॉक्टरों की टीम सक्रिय हो गई। उन्होंने सामान्य प्रसव के जरिए पेट में फंसे बच्चे के सिर को बाहर निकाला। बच्चा 24 हफ्ते का प्री-मैच्योर था।
अंजू की हालत अब स्थिर बताई जा रही है, लेकिन मानसिक सदमा बहुत गहरा है।
परिवार पर पहले भी गुजरी थी आफत
यह अंजू की दूसरी प्री-मैच्योर डिलीवरी थी। जुलाई 2025 में भी उसे 7 महीने की गर्भावस्था में बेटी हुई थी, जिसे डेढ़ महीने NICU में रखना पड़ा था। घर लाने के कुछ दिन बाद बच्ची की मौत हो गई थी। शादी को महज 3 साल ही हुए हैं।
डॉक्टरों ने जताई नाराजगी
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नवीन चौधरी ने बताया कि युवती ने खुद बताया कि बच्चे के पैर बाहर आ गए थे, जिसे निकालने की कोशिश में यह हादसा हो गया। डॉ. गंभीर पटेल ने कहा, “पहली प्री-मैच्योर डिलीवरी के बाद नियमित चेकअप और समय पर अस्पताल जाना जरूरी था।”
पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
यह घटना ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य जागरूकता की भयानक कमी को उजागर करती है। लेबर पेन शुरू होते ही तुरंत सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचना चाहिए। घर या खेत में खुद प्रसव करने की कोशिश जानलेवा साबित हो सकती है।
अंजू की कहानी... एक चेतावनी!
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Report update - Jitendra Kumawat