मंदसौर जिले में नाहरगढ़ पुलिस ने एक ऐसी बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है, जिसने न सिर्फ प्रदेशभर में पुलिस की साख बढ़ाई है, बल्कि अपराधियों में भी खौफ पैदा कर दिया है। अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय कुख्यात लच्छु गैंग के चार शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। यह गैंग देश के कई राज्यों में बंद मकानों को निशाना बनाकर मात्र 7 मिनट में ग्रिल काटकर चोरी और डकैती की वारदातों को अंजाम देता था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 37 लाख रुपए का मशरुका बरामद किया है, जिसमें सोने-चांदी के जेवर, एक चारपहिया वाहन और वारदात में उपयोग किए जाने वाले उपकरण शामिल हैं।
इस पूरी कार्रवाई को पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीणा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक टी.एस. बघेल तथा एसडीओपी कीर्ति बघेल के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया। थाना प्रभारी वरुण तिवारी एवं उनकी टीम ने सूचना मिलते ही सुनसान क्षेत्र में घेराबंदी कर गैंग के चार सदस्यों गणेश उर्फ गणपत, कैलाश उर्फ बिशन, छोटू वसुनिया और दिनेश उर्फ महेश को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में आरोपियों ने 11 राज्यों में चोरी और डकैती की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद आम जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है और अपराधियों के हौसले पस्त हो गए हैं। शहरभर में चर्चा है कि मंदसौर पुलिस ने यह साबित कर दिया कि अपराधी चाहे कितने भी शातिर हों, कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सकते।
इस बड़ी सफलता पर मध्यप्रदेश पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने नाहरगढ़ थाना प्रभारी वरुण तिवारी एवं उनकी पूरी टीम की सराहना करते हुए उन्हें पुरस्कृत करने की घोषणा की है। डीजीपी ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस संगठित अपराध और अंतरराज्यीय आपराधिक गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रखेगी।
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने भी पुलिस की इस मुस्तैदी की खुलकर प्रशंसा की है। लंबे समय से गैंग की वारदातों से परेशान पीड़ित परिवारों को इस कार्रवाई से बड़ी राहत मिली है।