रतलाम / जावरा
जावरा (निप्र)। जैन समाज के श्रद्धेय आचार्य, वाग्मिता के धनी एवं धर्म प्रभावना के प्रणेता जैन दिवाकर श्री चौथमल जी महाराज साहब की पावन स्मृति में आयोजित “पुज्यनीय गुरुदेव मुनिंद जैन दिवाकर करों आनंद” जाप श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गुरुभक्तों ने उपस्थित होकर गुरुदेव के प्रति अपनी अटूट आस्था व्यक्त की।
नवयुवक मंडल के पूर्वाध्यक्ष नितिन कोलन ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2012 से शुक्ल पक्ष की प्रत्येक तेरस को यह जाप निरंतर आयोजित किया जा रहा है। पिछले 14 वर्षों से यह धार्मिक परंपरा अविरल रूप से जारी है, जो गुरुभक्तों की श्रद्धा और समर्पण का अद्भुत उदाहरण है।
जाप के दौरान दिवाकर चालीसा का सामूहिक पाठ किया गया तथा भगवान श्री शांतिनाथ प्रभु के स्तवन “साता किजो जी श्री शांतिनाथ प्रभु शिव सुख दिजो जी” का भावपूर्ण गायन हुआ। श्रद्धालुओं ने गुरु स्मरण एवं धर्म आराधना के माध्यम से आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने जैन दिवाकर श्री चौथमल जी म.सा. के त्याग, तप, ज्ञान और धर्म सेवा को स्मरण करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प भी लिया।
इस अवसर पर प्रथम जेठ सुदी तेरस के जाप एवं प्रभावना का लाभ सुजानमल, सुधीर कुमार एवं सचिन कुमार कोच्चटा परिवार द्वारा लिया गया। कार्यक्रम के समापन पर सुश्रावक शांतिलाल डांगी ने मंगलपाठ एवं मांगलिक सुनाकर धर्मसभा को आध्यात्मिक संदेश प्रदान किया।
इस दौरान उपाध्याय डॉ. गौतम मुनि जी महाराज साहब की प्रेरणा से संचालित धार्मिक गतिविधियों की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि प्रत्येक रविवार को नवनिर्मित श्री कस्तुर पावन धाम, सेजावता रोड पर सामूहिक सामायिक दिवस मनाया जाता है। इसी क्रम में 31 मई रविवार प्रातः 7:15 बजे सामूहिक सामायिक का आयोजन रखा गया है। सामायिक में पधारने वाले श्रद्धालुओं की नवकारसी का लाभ श्रीमती झम्मुबाई रतनलाल मेहता द्वारा लिया गया है।
आयोजकों ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर सामायिक का लाभ लेने का आग्रह किया।
जाप कार्यक्रम में पारसमल बरड़िया, पुखराजमल कोच्चटा, राकेश मेहता, संदीप रांका, श्रीपाल कोच्चटा, अजीत रांका, पारस गादिया, सुजानमल ओरा, मनोहरलाल चपड़ोद, मनोज डांगी, राकेश पी. कोच्चटा, अशोक रांका, जतीन कोच्चटा, महावीर डांगी, सुशील मेहता, राहुल रांका, पुखराज भंडारी, विनोद चपड़ोद, मोहनलाल पोखरना, सुरेंद्र चपड़ोद, सुभाष चोरड़िया, बाबूलाल भटेवरा सहित अनेक गुरुभक्त उपस्थित रहे।
कस्तुर पावन धाम के अध्यक्ष राकेश मेहता तथा जैन कॉन्फ्रेंस आत्मध्यान योजना के राष्ट्रीय संगठन मंत्री संदीप रांका ने भी धर्म आराधना एवं सामूहिक साधना के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का सफल संचालन संदीप रांका ने किया तथा अंत में सभी श्रद्धालुओं ने गुरु भक्ति और धर्म साधना की इस परंपरा को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
उक्त जानकारी नवयुवक मंडल के पूर्वाध्यक्ष नितिन कोलन द्वारा प्रदान की गई।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत