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चीताखेड़ा । श्रावण मास में इन दिनों शिवप्रिय द्रव्यावली अर्पित करने से भूत भावन, उमापति महादेव मनोवांछित फल प्रदान करते हैं। सभी देवताओं में शिव अति शीघ्र प्रसन्न होने वाले देव है। श्रावण मास शिव सत्ता के द्वारा ही सृष्टि संचालित होती हैं ,शिव तो ध्यान की उत्कृष्ट साधना के परिचायक है । श्रावण मास में इन दिनों सभी शिवालयों में भोले की भक्ति हर जगह देखी जा रही है ग्रामीण अंचलों के सभी शिवालयों में अल सुबह से देर शाम तक शिव भक्तों द्वारा पूजन अर्चन और रुद्राभिषेक ,दुग्धाअभिषेक, जलाभिषेक के आयोजन हो रहे हैं। सावन माह में प्रतिदिन गांव के शिवालयों में भोलेनाथ के दर्शन के लिए भक्तों की लगी लंबी कतारें लग रही है। शिवालयों में मंत्रोच्चार और घंटी- घड़ियाल की स्वर लहरियां सुनाई दे रही है। शिवालयों में बेल-पत्र, दुग्ध, पंचामृत,शहद, शक्कर,दही सहित आदि पूजा सामग्री से भोलेनाथ का अभिषेक किया जा रहा है। चीताखेड़ा - कराड़िया महाराज मार्ग पर रामनगर की मनोहारी झील में स्थित अतिप्राचीन सिद्धेश्वर महादेव , चीताखेड़ा - जीरन मार्ग पर दलपतपुरा झील में स्थित छोटा हरिद्वार रामझर महादेव मंदिर सहित सभी शिवालयों में शिव भक्तों का बड़ी संख्या में सैलाब उमड़ रहा है। श्रद्धालुओं की दर्शन करने की होड़ लग रही है।बोल बम बम.....,हर हर महादेव......,जय श्री महाकाल....... ओम् नमः शिवाय... ओम् नमः शिवाय...... आदि जयकारों से शिवालय गुंजायमान हो रहे। भोलेनाथ के आकर्षक श्रंगार का दिव्य दर्शन कर भोलेनाथ की सवारी नंदी महाराज के कान में अपनी मनोवांछित कामना पूर्ति के लिए अर्जी लगा रहे हैं। रिपोर्ट : दशरथ जी माली |