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श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाया श्री मुनि सुव्रत स्वामी जिनालय का 24 वां वार्षिक ध्वजा एवं वर्षगांठ महोत्सव चीताखेड़ा - गांव के मध्य स्थित श्री मुनि सुव्रत स्वामी जैन श्वेताम्बर जिनालय का 24 वीं वार्षिक ध्वजा एवं जिनालय वर्षगांठ महोत्सव शनिवार को श्रद्धा एवं भक्ति से ओतप्रोत माहौल में मनाया गया। परम पूज्य मुनिराज श्री विरल विजय म.सा. परम् पूज्य विराग रत्न विजय म.सा.आदी ठाणा 2 परम् पूज्या साध्वी श्री धृति पूर्णा श्री जी म.सा.साध्वी श्री अभय पूर्णा श्री जी म.सा. आदि ठाणा 2 की चतुर्विध संघ की पावन निश्रा एवं असीम आशीर्वाद से धर्मध्वजा चढ़ाई गई और आयोजित महोत्सव के तहत विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान,पूजन एवं सामूहिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। शनिवार को वर्षगांठ दिवस पर सुबह नवकारसी के पश्चात् आयोजन का प्रारंभ भव्य वरघोडा गाजे-बाजे व ढोल-ढमाके के साथ हुआ। गाजे बाजे के साथ प्रभु के जयकारों के साथ वरघोड़ा कायमि ध्वजा लाभार्थी धर्मनिष्ठ देवीलाल,कारुलाल , दिलीप कुमार,डॉ आशीष, ध्रुव झातरिया,झातरिया(सिसौदिया ) श्री मुनि सुव्रत स्वामी जिनालय से प्रारंभ होकर जैन गली,बस स्टैंड, सदर बाजार क्षेत्र के मुख्य मार्गो से होते हुए जिनालय तक पहुंचा। इसके बाद सुबह विधि विधान के साथ तीर्थंकर परमात्मा की स्नात्र पूजा एवं सत्रह भेदी पूजा विधि कारक श्रेयांस दक के द्वारा पढ़ाई गई। सुबह शुभ मुर्हुत में तीर्थंकर श्री मुनि सुव्रत स्वामी भगवान एवं तीर्थंकर एवं नाकोड़ा भैरव देव के जयकारों के मध्य जिनालय शिखर पर कायमि वार्षिक ध्वजा चढ़ाने का लाभ झातरिया परिवार के धर्मनिष्ठ देवीलाल ,कारुलाल, दिलीप कुमार, डॉ आशीष, ध्रुव ने प्राप्त किया। जैन धर्म में मनुष्य का भव मिलना दुष्कर है तेजस्वी वक्ता परम् पूज्य मुनिराज श्री विरल विजय जी म.सा.ने आराधना भवन में धर्मसभा में उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं को व्याख्यान देते हुए कहा कि हमारा जीवन प्रबल है,हम जैन शासन में जन्म हुआ है। जैन धर्म में जन्म लेना बहुत मुश्किल है। मनुष्य जीवन बहुत ही दुर्लभ है। मनुष्य का भव मिलना, धर्म श्रवण, धर्म पर श्रद्धा और स्वयं के लिए श्रम करना, ये चारो गुण मनुष्य के लिए दुश्कर है। अगर जिनालय पर कलश न हो तो कोई शोभा नहीं है।जो लाभार्थी जिनालय के शिखर कलश पर धर्मध्वजा चढ़ाने का लाभ लेता है उसे यश, किर्ति,मान -सम्मान और सर्वस्त्र सम्मानित होता है। जिनालय समिति द्वारा किए जा रहे सेवा व भक्ति कार्यो की जैन श्रावक श्राविकाओं ने अनुमोदना की। वार्षिक ध्वजा एवं वर्षगांठ महोत्सव के अवसर पर पक्षाल पूजा, चंदन पूजा,केसर पूजा, पुष्प पूजा, धूप पूजा,दीपक पूजा, नाकोड़ा भैरव देव के दीपक का लाभ लाभार्थी परिवार ने प्राप्त किया। सभी लाभार्थी परिवारों का चीताखेड़ा, रंभावली जैन श्री संघ के पदाधिकारियों द्वारा स्वागत बहुमान किया गया। मंच संचालन सामाजिक कार्यकर्ता राजेश जैन, गजेन्द्र बोहरा ने किया। वर्षगांठ दिवस पर आरती का लाभ कायमि ध्वजा के लाभार्थी झातरिया परिवार के सदस्यों ने लिया। लाभार्थी झातरिया परिवार द्वारा साधार्मिक स्वामी वात्सल्य का आयोजन भी किया गया। वार्षिक ध्वजारोहण कार्यक्रम में रंभावली, गोमाना, छोटीसादड़ी, निंबाहेड़ा, चित्तौड़गढ़, कांकरोली, उदयपुर, सागवाड़ा, हिम्मतनगर,जीरन, कुचडौद, मल्हारगढ़, नारायणगढ़, पिपलिया मंडी, मंदसौर, हरवार बर्डिया, प्रतापगढ़, आंत्रीमाता, चपलाना, नीमच सहित मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात के कई क्षेत्रों से जैन श्री संघ विशेष रूप से मौजूद रहे। जैन श्री संघ और श्री चंद्रप्रभ जिनालय ट्रस्ट अध्यक्ष सुनील कुमार सगरावत ने दो दिवसीय आयोजन को सफल बनाने पर सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया है। रिपोर्ट : दशरथ जी माली |