रतलाम/सैलाना। सैलाना बस स्टैंड पर मंगलवार की सुबह उस समय हलचल मच गई, जब ठीक सुबह 5 बजे नगर परिषद की जेसीबी और प्रशासनिक अमला सुलभ कॉम्प्लेक्स के आसपास पहुंचा और जर्जर दुकानों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। तड़के शुरू हुई कार्रवाई को लेकर प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा का व्यापक इंतजाम किया था। राजस्व विभाग, नगर परिषद और पुलिस की संयुक्त मौजूदगी में दुकानों को ध्वस्त करने की कार्रवाई आगे बढ़ी।
कार्रवाई के दौरान राजस्व अधिकारी तहसीलदार मनीष जैन, पटवारी भूपेंद्र चावड़ा सहित समस्त पटवारीगण, नगर परिषद अध्यक्ष चैतन्य शुक्ला, पार्षदगण, सीएमओ एवं नगर परिषद का पूरा अमला मौके पर मौजूद रहा। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सैलाना के अलावा सरवन, बाजना और रावटी थाना क्षेत्रों से पुलिस बल बुलाया गया था।
सैलाना थाना प्रभारी पिंकी आकाश के नेतृत्व में थाना स्टाफ तैनात रहा। सरवन से उपनिरीक्षक गेंदालाल भूरिया, बाजना से उपनिरीक्षक केसरसिंह यादव तथा रावटी से सहायक उपनिरीक्षक गणेश शर्मा अपने-अपने पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे।
सुरक्षा को प्राथमिकता, दुकानदारों ने खुद खाली की दुकानें
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू होने से पहले संबंधित दुकानदारों ने सुरक्षा की दृष्टि से अपनी दुकानें खाली कर दी थीं। इसके बाद नगर परिषद की जेसीबी ने जर्जर दुकानों को हटाना शुरू किया। प्रशासन की मौजूदगी में पूरी कार्रवाई को नियंत्रित तरीके से आगे बढ़ाया गया।
22 अगस्त के कोर्ट आदेश के बाद नगर परिषद का एक्शन
दुकानों को लेकर नगर परिषद और दुकानदारों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। 22 अगस्त 2026 को प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खंड सैलाना श्री तथागत याग्निक के न्यायालय ने दुकानदारों की ओर से दायर अस्थायी निषेधाज्ञा का आवेदन निरस्त कर दिया था।
न्यायालय ने अपने विस्तृत आदेश में कहा कि वादी पक्ष प्रथमदृष्टया मामला, अपूर्णनीय क्षति और सुविधा के संतुलन के आवश्यक आधार साबित करने में सफल नहीं रहा। इसके बाद नगर परिषद की प्रस्तावित कार्रवाई को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ।
नगर परिषद ने न्यायालय के समक्ष दुकानों की जर्जर स्थिति और संभावित जनहानि के साथ आगामी सिंहस्थ को देखते हुए बस स्टैंड के विस्तार एवं यात्रियों की सुविधा का मुद्दा भी रखा था। परिषद के अनुसार जर्जर दुकानों को हटाकर नई एवं सुरक्षित दुकानों का निर्माण प्रस्तावित है तथा पूर्व आवंटित दुकानदारों को पुनर्निर्माण के बाद दुकानें उपलब्ध कराने की योजना है।
अधिवक्ता भी रहे मौके पर मौजूद
पूरे प्रकरण में अधिवक्ता ऋषि अग्रवाल एवं सहयोगी अधिवक्ता हिम्मत पाटीदार की भूमिका रही। ध्वस्तीकरण के दौरान अधिवक्ता हिम्मत पाटीदार भी मौके पर मौजूद रहे और कार्रवाई को प्रत्यक्ष रूप से देखा।
नगर परिषद अध्यक्ष चैतन्य शुक्ला
नगर परिषद की यह कार्रवाई पूरी तरह नियमों और न्यायालय के आदेश के अनुरूप की जा रही है। जर्जर दुकानों से संभावित जनहानि को देखते हुए सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। दुकानदारों के हितों का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा और पुनर्निर्माण के बाद नियमानुसार पूर्व आवंटित दुकानदारों को दुकानें उपलब्ध कराने का प्रयास रहेगा। हमारा उद्देश्य सैलाना बस स्टैंड को सुरक्षित, व्यवस्थित और बेहतर स्वरूप देना है।
राजस्व अधिकारी तहसीलदार मनीष जैन
आज की कार्रवाई प्रशासन, नगर परिषद और पुलिस की संयुक्त मौजूदगी में शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से की गई है। संबंधित दुकानदारों ने सुरक्षा की दृष्टि से पहले ही दुकानें खाली कर दी थीं। न्यायालय के आदेश और प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत जर्जर संरचनाओं को हटाने की कार्रवाई की जा रही है। मौके पर पर्याप्त पुलिस एवं राजस्व अमला तैनात है, ताकि पूरी कार्रवाई सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो।
सुबह की कार्रवाई बनी शहर में चर्चा का विषय
तड़के 5 बजे शुरू हुई इस कार्रवाई की खबर फैलते ही बस स्टैंड क्षेत्र में लोगों की नजरें जेसीबी पर टिक गईं। प्रशासन-पुलिस की भारी मौजूदगी और नगर परिषद के अमले के साथ कार्रवाई को लेकर पूरे सैलाना में चर्चा रही।
जर्जर दुकानों को हटाने की कार्रवाई के बाद अब बस स्टैंड के इस हिस्से में नई व्यवस्था और प्रस्तावित पुनर्निर्माण को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं। नगर परिषद का दावा है कि कार्रवाई का उद्देश्य किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि जर्जर ढांचे को हटाकर सुरक्षित, व्यवस्थित और बेहतर बस स्टैंड व्यवस्था विकसित करना है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत