|
तप, आराधना और भक्ति में लीन जैन समाज, आज होगा भगवान महावीर का जन्म वाचन चीताखेड़ा : जिनशासन के सर्वोत्तम पर्व पर्युषण महापर्व के अवसर पर चीताखेड़ा में इन दिनों धर्म, तप और आराधना की धूम मची हुई है। सरल स्वभावी विदुषी परम पूज्या साध्वी श्री धृति पूर्णा श्रीजी म.सा. एवं मातृहृदया वात्सल्य मूर्ति साध्वी श्री अभय पूर्णा श्रीजी म.सा. की प्रेरणा एवं पावन निश्रा में आठ दिवसीय पर्युषण महापर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। जैन समाज के अनुयायी बढ़-चढ़कर धार्मिक आयोजनों में सहभागी बनकर धर्मलाभ ले रहे हैं। श्री चंद्रप्रभ जैन श्वेताम्बर ट्रस्ट अध्यक्ष सुनील कुमार सगरावत एवं जैन समाज अध्यक्ष अशोक चपलोत ने बताया कि श्री मुनिसुव्रत स्वामी एवं श्री चंद्रप्रभजी बड़ा जिनालय में पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व के दौरान अहिंसा परमो धर्म के जयघोष गूंज रहे हैं। समाजजन तप, तपस्या, प्रतिक्रमण, भक्ति, प्रक्षाल पूजा, मंगलदीप एवं आरती सहित विभिन्न धार्मिक आयोजनों में उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। साध्वीश्री की प्रेरणा से समाज के नन्हे-मुन्ने बच्चों में भी धार्मिक संस्कारों का बीजारोपण किया जा रहा है। बच्चों की धर्म के प्रति रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से प्रतिदिन धार्मिक गतिविधियों में सहभागिता के लिए लाभार्थियों द्वारा उन्हें पुरस्कृत किया जा रहा है। पर्युषण पर्व को लेकर चीताखेड़ा के जिनालय एवं आराधना भवन को रंग-बिरंगे विद्युत बल्बों, फूलों एवं पन्नियों से आकर्षक ढंग से सजाया गया है। प्रतिदिन कल्पसूत्र का वाचन राजू खिमेसरा द्वारा किया जा रहा है। पूरे क्षेत्र में पर्युषण महापर्व की धार्मिक उमंग और उत्साह का वातावरण बना हुआ है। कल होगा भगवान महावीर का जन्म वाचन, निकलेगा भव्य वरघोड़ा पर्युषण महापर्व के अवसर पर 12 सितंबर 2026 शनिवार को श्री मुनिसुव्रत स्वामी जिनालय में कल्पसूत्र वाचन के दौरान त्रिशला नंदन भगवान महावीर स्वामी के जन्म वाचन का प्रसंग सुनाया जाएगा। इस अवसर पर माता त्रिशला द्वारा देखे गए 14 स्वप्नों की बोलियां लगाई जाएंगी। जन्म वाचन के पश्चात भगवान महावीर के बाल स्वरूप को पालना झुलाने की धार्मिक रस्म होगी। इसके बाद भगवान महावीर के पालना जी को लेकर ढोल-धमाकों के साथ गांव के निर्धारित मार्गों से भव्य वरघोड़ा निकाला जाएगा। जन्म वाचन एवं वरघोड़े के इस धार्मिक महोत्सव में जैन समाज के छोटे-बड़े, युवा, बुजुर्ग, महिला-पुरुष सभी सहभागी बनेंगे। आयोजन में शामिल होने के लिए समाजजन अपने व्यवसाय एवं प्रतिष्ठान बंद रखकर धर्म आराधना में सहभागी होंगे। रिपोर्ट : दशरथ जी माली |