|
चीताखेडा : । जलझुलनी एकादशी ग्यारस का पर्व सिर्फ धार्मिक आस्था का ही नहीं बल्कि सदियों पुरानी परंपराओं और लोकजीवन के मेल का प्रतीक है। इस धार्मिक महोत्सव पर चारभुजा नाथ मंदिर से परब्रह्म परमात्मा श्री कृष्ण का बाल स्वरूप मुखोटे विग्रह को संचित विशेष विमान में विराजमान करके भक्तों के कंधों पर बैठकर बुधवार को गांव की जनता के हाल जानने आलकी कि पालकी..जय कन्हैयालाल लालकी........,हाथी घोड़ा पालकी,जय कन्हैया लाल की........, सांवलिया सेठ की जय...., मोर मुकुट बंशी वाले की जय जयकारों के साथ ढोल धमाकों अखाड़े के साथ बड़े ही ठाट- बाट से शोभायात्रा के रूप में निकले। भव्य शोभायात्रा डीजे साउण्ड एवं ढोल-ढमाकों के साथ गांव के विभिन्न मार्गो से भक्त मंडली के भजन गायक कलाकार सुमधुर भजन गाते तथा अखाड़े के खिलाड़ी लेझिम बजाते व अपने करतब दिखाते, नाचते झूमते हुए हुए चल रहे थे। नीम चौक पर अखाड़े का मुकाम लगाया गया। जहां सबसे पहले बजरंग व्यायाम शाला के उस्ताद मुकेश भाई , छोटे उस्ताद अंबालाल माली, पुजारी गोपाल दास बैरागी, अर्जुन परमार को हैदरी अखाड़ा के उस्ताद रज्जाक शेख,उप उस्ताद सलीम मंसूरी,अंजुमन कमेटी सदर जहूर शेख , अंजुमन कमेटी पूर्व सदर सलाउद्दीन शेख ने साफा बंधवाकर फूलमालाओं से स्वागत किया। इसी के साथ गणमान्य लोगों द्वारा चोकीदार छगनलाल परमार,चोकीदार परतें सिंह सिसौदिया को भी साफा बंधवाकर फूलमालाओं से स्वागत किया। तत्पश्चात अखाड़े का मुकाम लगाया गया जिसमें खिलाड़ियों ने करतब दिखाए। शोभा यात्रा चारभुजा नाथ मंदिर से दोपहर 2:00 बजे प्रारंभ हुई बड़ी होली चौक, बड़ा गणपति मंदिर, शैख मोहल्ला, माणक चौक, नीम चौक से परिभ्रमण करते हुए चैनपुरा चौराहा पहुंचे। जहां से अखाड़ा बजरंग मंदिर पहुंचा, वहीं बालस्वरूप मुखोटे को संचित विशेष विमान भडक सनावदा नदी पर स्नान हेतु ले जाया गया। रिपोर्ट : दशरथ जी माली |