रतलाम
सैलाना विधानसभा के आदिवासी क्षेत्रों में खसरा (मीजल्स) बीमारी के फैलने की आशंका को लेकर क्षेत्रीय विधायक कमलेश्वर डोडियार ने स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर तत्काल सर्वे, जांच और उपचार की व्यवस्था करने की मांग की है। विधायक ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, रतलाम को भेजे पत्र में बताया कि रावटी क्षेत्र के ग्राम देवला, अजनावर, बेड़ावलिया, पचमपाड़ा एवं सेंजन सहित कई गांवों में खसरे के लक्षण तेजी से सामने आ रहे हैं।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि स्थानीय ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इन गांवों में कई छोटे बच्चों के शरीर पर लाल चकत्ते (दाने) निकलने की शिकायत सामने आई है, जो खसरे के प्रमुख लक्षण माने जाते हैं। बताया जा रहा है कि ग्राम अजनावर में पूर्व में लगभग 35 से अधिक बच्चे खसरे से संक्रमित हो चुके हैं, जबकि वर्तमान में इन पांचों गांवों में करीब 17 बच्चे इस बीमारी से पीड़ित बताए जा रहे हैं। जानकारी के अभाव के कारण कुछ परिवार इसे माता निकलना मानकर बच्चों का समुचित चिकित्सकीय उपचार नहीं करवा रहे हैं, वहीं कई बच्चों को खसरे का टीकाकरण भी नहीं हुआ है।
विधायक डोडियार ने अपने पत्र में यह भी कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभी तक प्रभावित गांवों में व्यापक स्तर पर सर्वे, टीकाकरण या स्वास्थ्य शिविर आयोजित नहीं किए गए हैं, जिससे संक्रमण के और अधिक फैलने की आशंका बनी हुई है। यह स्थिति विशेष रूप से आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाले छोटे बच्चों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि देवला, अजनावर, बेड़ावलिया, पचमपाड़ा और सेंजन गांवों में तुरंत स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजकर सर्वे और स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएं। साथ ही सभी बच्चों की खसरे की जांच कर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाए तथा जिन बच्चों का टीकाकरण नहीं हुआ है, उनका तत्काल टीकाकरण किया जाए। विधायक ने ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने और शीघ्र आवश्यक कार्रवाई कर इसकी जानकारी देने का भी आग्रह किया है।
रिपोर्टर जितेंद्र कुमावत