शेर-ए-हिंद गुरु गोबिंदसिंह जी के प्रकाश पर्व पर नीमच में भक्ति और उल्लास का महासंगम
नीमच। शेर-ए-हिंद के नाम से विख्यात, करोड़ों श्रद्धालुओं के आराध्य सिख समाज के दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंदसिंह जी का 360वां प्रकाश पर्व शनिवार 27 दिसंबर को नीमच में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ धूमधाम से मनाया जाएगा। प्रकाश पर्व को लेकर सिख समाज सहित सर्व समाज में उत्साह का वातावरण है।
सिख समाज विकास समिति के अध्यक्ष हरभजन सिंह सलूजा एवं मीडिया प्रभारी मनदीप सिंह गौत्रा ने बताया कि शनिवार प्रातः 9:30 बजे अखंड पाठ साहिब की समाप्ति होगी। इसके पश्चात 9:30 से 10:30 बजे तक हजूरी रागी जत्था द्वारा शबद कीर्तन किया जाएगा।
नगर कीर्तन के स्वागत में उमड़ा जनसैलाब
सतनाम वाहे गुरु के जयघोष के साथ गुरुवार को नगर कीर्तन शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरा। यह पहला अवसर रहा जब सिख संगत के साथ अन्य समाजों के लोगों ने भी बड़ी संख्या में सहभागिता की। टेगौर मार्ग, फव्वारा चौक, नया बाजार सहित विभिन्न स्थानों पर लोगों ने घरों व दुकानों से पुष्पवर्षा कर नगर कीर्तन का आत्मीय स्वागत किया।
बाबाजी की पालकी के दर्शन हेतु हर वर्ग में उत्साह देखने को मिला। महिलाएं, बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी श्रद्धा भाव से मत्था टेकते नजर आए।
गंगानगर ऑफिस पर ऐतिहासिक स्वागत
जैन भवन रोड स्थित गंगानगर ऑफिस के सामने समाजसेवी अरूल अशोक गंगानगर द्वारा नगर कीर्तन का भव्य स्वागत किया गया। कार्यालय से पुष्पवर्षा कर संगत का अभिनंदन किया गया, जिससे पूरा मार्ग फूलों से आच्छादित हो गया। इस अवसर पर गर्मागर्म मूंग हलवे का प्रसाद वितरित किया गया। सिख समाज के वरिष्ठजनों, पंज प्यारों एवं ज्ञानी जी का विशेष सम्मान किया गया। ब्राह्मण समाज एवं ब्राह्मण महिला समिति ने भी पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।
हैरतअंगेज गतका प्रदर्शन
नगर कीर्तन में फौज-ए-खालसा पंजाब एवं वीर खालसा तरनतारन की गतका पार्टियों द्वारा किए गए अद्भुत करतबों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। फतेह बैंड भटिंडा एवं कोटा से आई सुसज्जित बस में सवार बाबाजी की पालकी ने पूरे नगर में श्रद्धा का वातावरण निर्मित किया। मातृशक्ति झाड़ू लेकर मार्ग की सफाई करती चली, वहीं महिलाएं भजन-कीर्तन करती रहीं।
27 दिसंबर के मुख्य कार्यक्रम
रात्रि 7:00 बजे – गुरु दा अटूट लंगर
रात्रि 7:30 से 9:30 बजे – हजूरी रागी जत्था द्वारा शबद कीर्तन
रात्रि 9:30 से 11:00 बजे – स्त्री सत्संग द्वारा कीर्तन
इसके पश्चात आरती, पुष्पवर्षा, अरदास एवं आतिशबाजी
समस्त आयोजन नगरपालिका कार्यालय के सामने स्थित गुरुद्वारा परिसर में होंगे।