रतलाम / आलोट
रतलाम जिले के आलोट क्षेत्र में पदस्थ पटवारी रविशंकर खराड़ी की आत्महत्या ने प्रशासनिक तंत्र में सनसनी फैला दी है। हल्का नंबर 34 पर कार्यरत खराड़ी ने मंगलवार दोपहर रतलाम स्थित अपने निवास पर फांसी लगाकर जीवन समाप्त कर लिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भिजवाया।
मामले को उस समय और गंभीर मोड़ मिल गया, जब घटनास्थल से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। इस नोट में मृतक ने नायब तहसीलदार सविता राठौर पर मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। सुसाइड नोट सामने आने के बाद प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। पुलिस ने नोट जब्त कर जांच शुरू कर दी है और परिजनों सहित संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की गहन जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
परिवार के लिए यह घटना और भी दर्दनाक इसलिए बन गई, क्योंकि एक दिन पहले ही मृतक के भाई की शादी हुई थी। शादी की खुशियां अभी थमी भी नहीं थीं कि मंगलवार दोपहर यह दुखद घटना सामने आ गई, जिससे पूरा परिवार शोक में डूब गया।
इधर, घटना के विरोध में पटवारी संघ में भारी आक्रोश देखा गया। मंगलवार देर रात बड़ी संख्या में पटवारी औद्योगिक थाने पहुंचे और नायब तहसीलदार के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। धरना बुधवार को भी जारी रहा।
इस बीच भारत आदिवासी पार्टी के विधायक कमलेश्वर डोडियार भी धरनास्थल पहुंचे और उन्होंने आरोप लगाया कि नायब तहसीलदार द्वारा लंबे समय से आदिवासी पटवारी रविशंकर खराड़ी को प्रताड़ित किया जा रहा था, जिससे वह आत्महत्या के लिए मजबूर हुए। उन्होंने पुलिस पर भी मामले में देरी और आरोपी को बचाने के आरोप लगाए। विधायक ने पटवारी साथियों और समाजजनों से 22 अप्रैल को औद्योगिक थाने पहुंचकर न्याय की मांग को मजबूत करने का आह्वान किया।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है, वहीं इस घटना ने सरकारी कर्मचारियों पर बढ़ते दबाव और कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्राइम रिपोर्टर जितेंद्र कुमावत