रतलाम / सैलाना
नगर परिषद सैलाना में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक मुद्दा सामने आया है, जहां गीला एवं सूखा कचरा पृथक्कीकरण के लिए खरीदे गए लगभग 7000 डस्टबिन आज तक आम नागरिकों तक नहीं पहुंच पाए हैं। इस गंभीर लापरवाही को लेकर सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी निशा सिंह को कड़ा स्मरण पत्र भेजते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
विधायक डोडियार ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि इस संबंध में उन्होंने पहले भी 5 फरवरी 2026 को पत्र भेजकर प्रशासन को अवगत कराया था, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में सैलाना को बेहतर स्थान दिलाने के उद्देश्य से नगर परिषद द्वारा महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें यह तथ्य सामने आया था कि कचरा संग्रहण के दौरान गीले और सूखे कचरे का पृथक्कीकरण प्रभावी रूप से नहीं हो पा रहा है।
इस समस्या के समाधान के लिए नए डस्टबिन खरीदे गए, लेकिन उनका वितरण न होना अब प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। डोडियार ने कहा कि पुराने डस्टबिन खराब हो चुके हैं, जिससे नगर की स्वच्छता व्यवस्था लगातार बिगड़ रही है। वहीं, स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 की तैयारियों पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विधायक ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द डस्टबिन वितरण नहीं हुआ तो आम जनता में बढ़ता आक्रोश कभी भी आंदोलन का रूप ले सकता है। उन्होंने कलेक्टर से मांग की है कि नगर परिषद को तत्काल घर-घर डस्टबिन वितरण के निर्देश दिए जाएं, साथ ही देरी के कारणों की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाए।
यह मामला अब सैलाना में प्रशासनिक सुस्ती और जनहित की अनदेखी का बड़ा उदाहरण बनता जा रहा है, जिस पर पूरे जिले की नजरें टिकी हुई हैं।
रिपोर्टर - जितेंद्र कुमावत