रतलाम जिले में रवि शंकर खराड़ी की संदिग्ध मृत्यु के एक सप्ताह बाद भी आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज न होने से आक्रोश बढ़ता जा रहा है। आदिवासी समाज के विभिन्न संगठनों और कर्मचारियों ने इसे न्याय में देरी बताते हुए तीखी नाराजगी जताई है। आरोप है कि मामले में नामजद नायब तहसीलदार श्रीमती सविता राठौर पर अब तक पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे पीड़ित परिवार और समाज में असंतोष गहराता जा रहा है।
इसी मुद्दे को लेकर आज शुक्रवार, 1 मई 2026 को शाम करीब 4 बजे न्यू कलेक्ट्रेट भवन पर आदिवासी समाज के बैनर तले एक बड़ा ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह ज्ञापन जिलाधिकारी के नाम सौंपा जाएगा, जिसमें तत्काल FIR दर्ज करने और निष्पक्ष जांच की मांग प्रमुख रूप से उठाई जाएगी।
आयोजकों ने समाज के सभी कर्मचारियों, अधिकारियों, युवाओं और सामाजिक संगठनों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर न्याय की आवाज बुलंद करने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और भी उग्र रूप ले सकता है।
इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि ज्ञापन के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है और पीड़ित परिवार को न्याय कब तक मिल पाता है।
रिपोर्टर जितेंद्र कुमावत
रतलाम में उबाल : रवि शंकर खराड़ी मौत मामले में FIR न होने पर आदिवासी समाज का बड़ा आंदोलन, आज कलेक्ट्रेट पर ज्ञापन...
रतलाम जिले में रवि शंकर खराड़ी की संदिग्ध मृत्यु के एक सप्ताह बाद भी आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज न होने से आक्रोश बढ़ता जा रहा है। आदिवासी समाज के विभिन्न संगठनों और कर्मचारियों ने इसे न्याय में देरी बताते हुए तीखी नाराजगी जताई है। आरोप है कि मामले में नामजद नायब तहसीलदार श्रीमती सविता राठौर पर अब तक पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे पीड़ित परिवार और समाज में असंतोष गहराता जा रहा है।
इसी मुद्दे को लेकर आज शुक्रवार, 1 मई 2026 को शाम करीब 4 बजे न्यू कलेक्ट्रेट भवन पर आदिवासी समाज के बैनर तले एक बड़ा ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह ज्ञापन जिलाधिकारी के नाम सौंपा जाएगा, जिसमें तत्काल FIR दर्ज करने और निष्पक्ष जांच की मांग प्रमुख रूप से उठाई जाएगी।
आयोजकों ने समाज के सभी कर्मचारियों, अधिकारियों, युवाओं और सामाजिक संगठनों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर न्याय की आवाज बुलंद करने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और भी उग्र रूप ले सकता है।
इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि ज्ञापन के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है और पीड़ित परिवार को न्याय कब तक मिल पाता है।