रतलाम / सैलाना / सरवन
रतलाम जिले के सैलाना क्षेत्र अंतर्गत थाना सरवन में आयोजित हुआ जन संवाद कार्यक्रम अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के दूरदर्शी निर्देशों और एसडीओपी नीलम बघेल एवं थाना प्रभारी अर्जुन सिंह सेमलिया के मजबूत नेतृत्व में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक बैठक नहीं बल्कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास मजबूत करने वाला ऐतिहासिक अभियान साबित हुआ। कार्यक्रम ने ग्रामीण क्षेत्रों में नई जागरूकता की लहर पैदा कर दी है।
थाना सरवन परिसर में आयोजित इस विशाल जन संवाद में ग्रामीणों महिलाओं युवाओं जनप्रतिनिधियों सरपंच उपसरपंच पूर्व सरपंच वरिष्ठ नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम में पुलिस की नई कार्यशैली साफ नजर आई जहां अब पुलिस डर और दबाव की जगह संवाद सहयोग और समाधान की नीति पर आगे बढ़ती दिखाई दे रही है।
पुलिस आपकी अपनी है — एसडीओपी नीलम बघेल का भावुक और प्रेरक संबोधन
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता
एसडीओपी नीलम बघेल ने बेहद प्रभावशाली अंदाज में ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस केवल कानून लागू करने वाली संस्था नहीं बल्कि समाज की सुरक्षा करने वाली सबसे मजबूत साथी है। उन्होंने कहा —
पुलिस आपकी है और आपके परिवार की सुरक्षा के लिए हमेशा खड़ी है। किसी भी समस्या को छुपाने की बजाय पुलिस से खुलकर संवाद करें।
उन्होंने सबसे पहले जिले में लगातार बढ़ रही कीटनाशक पीकर आत्महत्या की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में अब तक जिले में लगभग 34 लोगों की मौत जहरीले कीटनाशक सेवन से हो चुकी है। यह आंकड़ा बेहद चिंताजनक है।
एसडीओपी ने ग्रामीणों से अपील की कि खेती में उपयोग होने वाली जहरीली दवाइयों को उपयोग के बाद सुरक्षित तरीके से नष्ट करें या जमीन में गाड़ दें। इन्हें घर में खुले स्थान पर बिल्कुल न रखें ताकि महिलाएं बच्चे या तनावग्रस्त व्यक्ति आसानी से इनके संपर्क में न आ सकें।
उन्होंने कहा कि छोटी पारिवारिक परेशानियां आर्थिक संकट या भावनात्मक तनाव जीवन खत्म करने का कारण नहीं बनना चाहिए। हर समस्या का समाधान बातचीत सहयोग और धैर्य से संभव है।
साइबर ठगी पर पुलिस का बड़ा अलर्ट
OTP और बैंक डिटेल साझा करना मतलब खुद ठगी को न्योता देना
एसडीओपी नीलम बघेल ने तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों को लेकर ग्रामीणों को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि आज गांवों तक ऑनलाइन ठगी के गिरोह पहुंच चुके हैं। मोबाइल पर आने वाले फर्जी लिंक संदिग्ध कॉल और इनाम के झांसे से सावधान रहने की जरूरत है।
उन्होंने ग्रामीणों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति फोन पर बैंक डिटेल ATM नंबर OTP या निजी जानकारी साझा न करे। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
गुमशुदगी रोकने के लिए अभिभावकों को चेतावनी
मोबाइल की दुनिया में बच्चों पर नजर रखना जरूरी
थाना क्षेत्र में बढ़ती गुमशुदगी की घटनाओं को गंभीर मुद्दा बताते हुए एसडीओपी ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों पर सतर्क नजर रखें। उन्होंने कहा कि मोबाइल और सोशल मीडिया का गलत उपयोग बच्चों को गलत दिशा में ले जा सकता है।
उन्होंने कहा —
हर माता पिता को यह पता होना चाहिए कि उनका बच्चा कहां है किसके साथ है और क्या कर रहा है। बच्चों से संवाद बनाए रखें ताकि वे गलत संगति में न जाएं।
शिक्षा और महिला सशक्तिकरण पर जोर
एक बेटी पढ़ेगी तो पूरा समाज आगे बढ़ेगा एसडीओपी नीलम बघेल ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रसिद्ध कथन शिक्षा शेरनी का दूध है का उल्लेख करते हुए शिक्षा को समाज की सबसे बड़ी ताकत बताया।
उन्होंने कहा कि एक लड़की को शिक्षित करना पूरे परिवार और समाज को शिक्षित करने जैसा है।
उन्होंने अभिभावकों से बच्चों विशेषकर बेटियों को कम से कम 12वीं तक पढ़ाने की अपील की।
उन्होंने चिंता व्यक्त की कि ग्रामीण सभाओं और सामाजिक कार्यक्रमों में महिलाओं की भागीदारी अभी भी कम है जबकि समाज के विकास में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
थाना प्रभारी अर्जुन सेमलिया का सख्त एक्शन प्लान
मजदूर वाहनों पर निगरानी बढ़ी — नियम तोड़े तो सीधे जब्ती
एसडीओपी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी अर्जुन सेमलिया ने ग्रामीणों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और कई मुद्दों पर मौके पर ही कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
सरपंच रमेश की शिकायत पर थाना प्रभारी ने तुरंत कार्रवाई का आश्वासन दिया। शाम को मजदूरों को लाने वाली गाड़ियों को चौराहों और बाजार में अनावश्यक रूप से खड़े न होने का सख्त निर्देश जारी किया गया। सीसीटीवी निगरानी बढ़ाई जाएगी। आधे घंटे से ज्यादा खड़ी गाड़ी पाए जाने पर जब्ती और चालान की चेतावनी दी गई। इसका मकसद युवाओं, खासकर किशोर लड़के-लड़कियों को गलत आदतों और अनैतिक गतिविधियों से बचाना है।
उन्होंने कहा कि पुलिस अब सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी कर रही है। आधे घंटे से अधिक समय तक खड़ी रहने वाली संदिग्ध गाड़ियों पर तुरंत कार्रवाई होगी। नियम तोड़ने वालों की गाड़ियां जब्त की जाएंगी और चालानी कार्रवाई भी होगी।
बिचौलियों और बांझेरिया पर पुलिस का शिकंजा
झगड़ा सुलझाने के नाम पर वसूली करने वालों को नहीं बख्शेंगे
थाना प्रभारी अर्जुन सेमलिया ने गांवों में सक्रिय तथाकथित बिचौलियों और बांझेरिया प्रथा पर सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि कई लोग पुलिस और प्रशासन का डर दिखाकर भोले ग्रामीणों से पैसे वसूलते हैं और विवादों को और बढ़ाते हैं।
उन्होंने स्पष्ट कहा —
अब ऐसे लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी। किसी भी विवाद में सीधे थाने आएं पुलिस आपकी मदद के लिए हर समय तैयार है।
कीटनाशक दवाइयों के दुरुपयोग से हो रही आत्महत्याओं को रोकना।
थाना प्रभारी अर्जुन सेमलिया ने विस्तार से समझाया कि में जिले में अब तक कई लोगों ने कीटनाशक पीकर जान दे दी है। उन्होंने ग्रामीणों को सख्त हिदायत दी कि दवाइयों को उपयोग के बाद जमीन में गाड़कर रखें, बच्चों और महिलाओं की पहुंच से पूरी तरह दूर रखें। छोटी-मोटी बातों या पारिवारिक विवाद में आवेश में यह कदम न उठाएं।
सामाजिक कुरीतियों पर भी चला जागरूकता अभियान
कार्यक्रम में उपस्थित सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने भी महत्वपूर्ण बातें रखीं।
कार्यक्रम में चंदू मईडा और पूर्व सरपंच रमेश ने बांझेरिया प्रथा पर तीखा हमला बोला। चंदू मईडा ने कहा, ये बिचौलिए थोड़े पैसे के लालच में गांवों की 90% लड़ाइयों के जिम्मेदार हैं। लोग इनके बहकावे में आकर पुलिस-प्रशासन की सीधी मदद लेने के बजाय इनके चक्कर में पड़ जाते हैं। थाना प्रभारी अर्जुन सेमलिया ने स्पष्ट चेतावनी दी कि ऐसे बांझेरिया पुलिस की रडार पर हैं। यदि कोई झगड़ा सुलझाने के नाम पर पैसे ऐंठे या पुलिस का नाम लेकर धमकाए तो तुरंत थाने में सूचना दें, कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।
सरवन उपसरपंच ने परिवारों से आत्महत्या रोकने में जिम्मेदारी निभाने की अपील की।
डॉ. सुशील कपूर ने गुटखा पाउच और नशे से होने वाले कैंसर हार्ट अटैक और गंभीर बीमारियों के बारे में ग्रामीणों को जागरूक किया। उन्होंने दाम लगाने और झाड़ फूंक जैसी अंधविश्वासी कुप्रथाओं पर प्रहार करते हुए कहा कि बीमारी का इलाज डॉक्टर से ही संभव है अंधविश्वास से नहीं।
पूरे कार्यक्रम की सफलता के पीछे पुलिस अधीक्षक अमित कुमार की सामुदायिक पुलिसिंग की सोच को सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है। उनका उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच दूरी खत्म कर गांव स्तर तक विश्वास कायम करना है।
थाना सरवन में शुरू हुई यह मुहिम अब पूरे सैलाना क्षेत्र के अन्य थानों के लिए प्रेरणा बनती जा रही है।
नियमित होंगे जन संवाद कार्यक्रम
एसडीओपी नीलम बघेल और थाना प्रभारी अर्जुन सेमलिया ने संयुक्त रूप से घोषणा की कि ऐसे जन संवाद कार्यक्रम अब लगातार आयोजित किए जाएंगे ताकि अपराध नियंत्रण के साथ शिक्षा नशा मुक्ति महिला सुरक्षा साइबर जागरूकता और वैज्ञानिक सोच को गांव गांव तक पहुंचाया जा सके।
सरवन पुलिस की यह अनोखी पहल अब केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक बदलाव का आंदोलन बनती दिखाई दे रही है। जब पुलिस और जनता एक साथ खड़ी होती है तो अपराध और सामाजिक बुराइयों की जड़ें अपने आप कमजोर पड़ जाती हैं।
पुलिस जनता की है और जनता पुलिस की थाना सरवन में यह नारा अब केवल शब्द नहीं बल्कि जमीन पर उतरती हुई नई व्यवस्था बन चुका है।
रिपोर्टर - जितेंद्र कुमावत