रतलाम / जावरा
विश्व हिंदू परिषद दुर्गा वाहिनी द्वारा आयोजित उज्जैन संभागीय शौर्य प्रशिक्षण वर्ग के द्वितीय दिवस पर वातावरण देशभक्ति, आत्मरक्षा और राष्ट्रसेवा के संकल्प से ओतप्रोत रहा। जावरा के फोनिक्स इंटरनेशनल स्कूल परिसर में चल रहे इस विशेष प्रशिक्षण वर्ग में केंद्रीय मंत्री एवं विश्व हिंदू परिषद के अखिल भारतीय सेवा प्रमुख माननीय अजय जी पारिख की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष ऊर्जा प्रदान की।
अपने प्रेरक उद्बोधन में अजय पारिख ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और निर्णायक होती है।
उन्होंने उपस्थित बहनों को संबोधित करते हुए कहा कि इतिहास इस बात का साक्षी है कि जब-जब मातृशक्ति जागृत हुई है, तब-तब समाज और राष्ट्र को नई दिशा मिली है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि राजमाता जीजाबाई ने छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे महान राष्ट्रनायक का निर्माण किया, वहीं भगिनी निवेदिता ने समाज और महिलाओं के सम्मान के लिए अपना जीवन समर्पित किया।
उन्होंने कहा कि महिलाएं केवल परिवार की आधारशिला ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की शक्ति भी हैं। एक परिवार की धुरी मां होती है, और उसी के संस्कारों से आने वाली पीढ़ियां तैयार होती हैं।
ऐसे में धर्म, समाज और देश की रक्षा के लिए महिलाओं का संगठित होकर आगे आना समय की आवश्यकता है। उन्होंने दुर्गा वाहिनी की बहनों से आह्वान किया कि वे आत्मरक्षा, सेवा और संस्कार के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करें।
कार्यक्रम में मंच पर दुर्गा वाहिनी प्रांत संयोजिका एवं वर्ग प्रमुख ज्योति प्रिया शर्मा भी उपस्थित रहीं। उन्होंने प्रशिक्षण वर्ग की गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि 15 मई से प्रारंभ हुआ यह शौर्य प्रशिक्षण वर्ग 22 मई 2026 तक चलेगा, जिसमें बहनों को आत्मरक्षा, शारीरिक प्रशिक्षण, संगठनात्मक कौशल और राष्ट्रभक्ति से जुड़े विभिन्न विषयों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
जावरा में चल रहा यह शौर्य प्रशिक्षण वर्ग युवतियों और महिलाओं में आत्मविश्वास, साहस और राष्ट्रसेवा की भावना जागृत करने का सशक्त माध्यम बन रहा है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत