रतलाम । जिले के ताल थाना क्षेत्र के ग्राम कोटड़ी में हुई एक सनसनीखेज हत्या का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। खेत की मेड़ को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद और सामाजिक रंजिश के कारण इस वारदात को अंजाम दिया गया था। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड प्राप्त कर लिया है तथा मामले की आगे की जांच जारी है।
पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार (भा.पु.से.) के निर्देशन में गंभीर अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विवेक कुमार लाल एवं एसडीओपी आलोट सुश्री पल्लवी गौर के मार्गदर्शन में थाना ताल पुलिस ने यह कार्रवाई की।
जानकारी के अनुसार, ग्राम कोटड़ी मंडावल निवासी मनोहरसिंह डांगी ने 20 जून को थाना ताल में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके बड़े भाई राजेन्द्रसिंह डांगी 19 जून को ट्रैक्टर लेकर खेत पर हकाई कार्य करने गए थे लेकिन रात तक वापस नहीं लौटे। अगले दिन सुबह खेत पर उनका शव मिला। मृतक के सिर पर धारदार हथियार से गंभीर चोट के निशान पाए गए। इस पर थाना ताल में अपराध क्रमांक 312/2026 के तहत धारा 103(1) बीएनएस में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित की गई। साइबर सेल, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की सहायता से पुलिस ने संदिग्धों से पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि खेत की सीमा (मेड़) को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसके अलावा परिवार को समाज से बाहर किए जाने की रंजिश भी थी। इसी कारण 19 जून की शाम खेत पर अकेले मिले राजेन्द्रसिंह डांगी पर धारदार हथियार से हमला कर उनकी हत्या कर दी गई।
पुलिस ने इस मामले में उमरावसिंह डांगी (46 वर्ष) पिता नाथुजी डांगी, निवासी ग्राम कोटड़ी खारवा, उनके पुत्र जितेन्द्र डांगी (22 वर्ष), जगदीश डांगी (42 वर्ष) पिता नाथुजी डांगी तथा भूलीबाई (42 वर्ष) पत्नी उमरावसिंह डांगी को गिरफ्तार किया है।
इस अंधे हत्याकांड के त्वरित खुलासे में थाना प्रभारी ताल निरीक्षक स्वराज डाबी एवं उनकी टीम, थाना आलोट के निरीक्षक मुनेन्द्र गौतम व उनकी टीम, थाना बरखेड़ाकला के निरीक्षक पतिराम डावरे तथा सायबर सेल रतलाम की भूमिका सराहनीय रही। पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार ने पूरी टीम की कार्रवाई की सराहना करते हुए अपराधों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए हैं।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत