रतलाम / ताल
ग्राम कोटड़ी (खारवाकला) में हुए चर्चित राजेन्द्रसिंह डांगी हत्याकांड को लेकर बुधवार को ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। गांव के बड़ी संख्या में महिला-पुरुष एवं सामाजिक प्रतिनिधि थाना ताल पहुंचे, जहां उन्होंने धरना देकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। इसके बाद ग्रामीणों ने थाना प्रभारी थाना प्रभारी निरीक्षक स्वराज डाबी को ज्ञापन सौंपकर मामले में निष्पक्ष जांच एवं दोषियों को कठोर दंड दिलाने की मांग की।
ग्रामीणों द्वारा दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि 19 जून 2026 की शाम खेत पर कार्य के दौरान राजेन्द्रसिंह डांगी की धारदार हथियारों से हमला कर हत्या कर दी गई थी। इस घटना से पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा कि मृतक परिवार को न्याय मिलना चाहिए तथा मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि हत्या की घटना से गांव के लोगों में भय और असुरक्षा की भावना उत्पन्न हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि मामले की गहन जांच कर यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी दोषी को कानून का लाभ लेकर बचने का अवसर न मिले। साथ ही घटना से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित संलिप्त व्यक्तियों की भी निष्पक्ष जांच की जाए।
ग्रामीणों ने मृतक के परिवार को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने, आर्थिक सहायता प्रदान करने तथा परिवार के पुनर्वास के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग भी रखी। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि यदि मामले में कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र में जनआक्रोश और बढ़ सकता है।
धरना-प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि हत्या जैसे गंभीर अपराध में शामिल आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी की जाए। ज्ञापन में आरोपियों की संपत्ति और अन्य पहलुओं की भी जांच कराने की मांग की गई है।
धरने के बाद ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने थाना ताल प्रभारी स्वराज डाबी को ज्ञापन सौंपा। थाना पुलिस ने ज्ञापन प्राप्त कर उच्च अधिकारियों तक मांगों को पहुंचाने का आश्वासन दिया। इस दौरान गांव के अनेक नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और मृतक परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि कोटड़ी हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस पहले ही चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि मामले में न्याय की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और कठोरता के साथ आगे बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत