रतलाम / सैलाना । पुलिस अधीक्षक रतलाम अमित कुमार के निर्देशन में जिलेभर में चलाए जा रहे साइबर जागरूकता अभियान के तहत थाना सैलाना परिसर में आमजन को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन एसडीओपी नीलम बघेल के मार्गदर्शन में तथा थाना प्रभारी पिंकी आकाश के नेतृत्व में किया गया।
इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उपस्थित नागरिकों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड, बैंकिंग धोखाधड़ी, सोशल मीडिया हैकिंग, फर्जी कॉल, डिजिटल अरेस्ट, यूपीआई फ्रॉड एवं साइबर अपराध के अन्य नए तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। पुलिस टीम ने बताया कि साइबर अपराधी लोगों को लालच, डर या झूठे प्रलोभन में फंसाकर उनकी व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी हासिल कर आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं।
कार्यक्रम में सब इंस्पेक्टर शिवाजीराव जगताप, प्रधान आरक्षक अनिरुद्ध सिंह कुशवाहा, आरक्षक तूफान भूरिया, आरक्षक फकीरचंद सोलंकी एवं प्रधान आरक्षक संदीप सिंह भदोरिया ने उपस्थित जनसमुदाय को साइबर सुरक्षा के महत्वपूर्ण उपाय बताए। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति को ओटीपी, बैंक खाता नंबर, एटीएम पिन अथवा अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें तथा ऑनलाइन लेनदेन करते समय पूरी सावधानी बरतें।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी की घटना होती है तो वह तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराए अथवा www.cybercrime.gov.in� पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत कर सकता है। समय पर शिकायत दर्ज कराने से ठगी गई राशि को वापस प्राप्त करने की संभावना बढ़ जाती है।
सैलाना पुलिस द्वारा चलाए जा रहे इस जागरूकता अभियान को आमजन ने सराहा। कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रखना तथा साइबर अपराधों के प्रति सजग बनाकर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाना है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत