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चीताखेड़ा । चीताखेड़ा आस-पास अंचलों में बारिश हो चुकी थी और किसानों ने खेतों में बुवाई भी कर चुके हैं परन्तु चीताखेड़ा में बुवाई लायक बारिश का किसान इंतजार कर रहे थे।इस वर्ष की प्री-मानसून की पहली बारिश का शनिवार को दिनभर की उमस भरी तेज तपन के बाद शाम 7 बजे रिमझिम बारिश के साथ श्री गणेश हो चुका है। रविवार को अल सुबह से ही उमसभरी तेज तपन वाली गर्मी से हर आमजन पसीने से तरबतर होते रहे दोपहर होते-होते ढ़ाई बजे आसमान में काली घटाएं उमड़ आई और 20 मिनट तक झमाझम बारिश चली।अल्प बारिश में ही किसानों ने खरिफ सीजन की फसलों की बुवाई शुरू कर दी गई। झमाझम बारिश का इंतजार कर रहे थे कि भले ही रिमझिम बारिश हुई है पर असाढ़ माह के पांचवें ही दिन रविवार को बारिश ने दस्तक दे दी है जिससे किसानों एवं आमजन में उत्साह है। इंद्रलोक के राजा देवों के देव देवराज इंद्र असाढ़ माह के शुरू होते ही पांचवें ही दिन रविवार को मेहरबान हो चुके हैं। रविवार को दोपहर होते- होते भले ही रिमझिम बारिश की आमद हुई । धरती के पालनहार किसानों में समय पर बारिश आने से खुश हो गये है। सीजन की पहली बारिश आने से छोटे-छोटे बच्चे बारिश में नहाने के साथ ही अठखेलियां करते हुए पानी बाबा आजे काकड़ी भुट्टा लाजे.......के साथ गांव के मौहल्लों की गलियों में किलकारियां करते हुए साल की पहली बारिश का आनंद लेते हुए अठखेलियां करते हुए इधर-उधर दौड़ते रहे। रुक-रुककर बारिश का दौर चलता रहा, धीरे-धीरे शाम तीन बजे बाद बारिश ने रप्तार पकड़ ली और झमाझम में तब्दील हो गई। जो देर शाम तक निरंतर टपाटप बुंदाबांदी जारी थी। आसमान में काली घटाएं डेरा डाले हुए थे। वैसे असाढ़ माह के पांचवें दिन बारिश ने दस्तक दी है जो बीना आंधी तूफान के शांति पूर्वक बारिश ने प्रवेश किया है। पहली ही बारिश ने गांव की गलियों मौहल्लों में बनी नाली गटरों में पोलीथिन एवं अन्य कचरे गंदगी से जाम लग गया जिससे पंचायत के स्वच्छता अभियान की पोल खुल गई है। रिपोर्ट : दशरथ जी माली |