रतलाम। मध्यप्रदेश के यात्री बस संचालकों ने अपनी वर्षों से लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ बड़ा मोर्चा खोल दिया है। रतलाम जिला बस संचालक एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 7 अगस्त 2026 तक उनकी प्रमुख मांगों का निराकरण नहीं किया गया तो 7 अगस्त की रात्रि 12 बजे से प्रदेशभर में यात्री बसों का संचालन अनिश्चितकालीन रूप से बंद कर दिया जाएगा। ऐसे में लाखों यात्रियों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष सुबेन्द्रसिंह गुर्जर ने बताया कि प्रदेश के 55 जिलों के मोटर मालिकों की 26 जुलाई को सागर में हुई बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया। उनका कहना है कि सरकार को कई बार ज्ञापन और व्यक्तिगत मुलाकात के माध्यम से समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
ज्ञापन में बस संचालकों ने सबसे पहले 7 जुलाई 2026 के राजपत्र में प्रकाशित इंदौर संभाग के 40 मार्गों के राष्ट्रीयकरण को वापस लेने की मांग की है। उनका आरोप है कि सरकार चरणबद्ध तरीके से पूरे प्रदेश में मार्गों का राष्ट्रीयकरण कर निजी बस संचालकों का व्यवसाय समाप्त करना चाहती है।
इसके अलावा रॉयल्टी वसूली के लिए जारी टेंडर को निरस्त करने, वर्ष 2021 के बाद से लंबित बस किराया वृद्धि को तत्काल लागू करने, नए यात्री वाहनों के पंजीयन को वैध घोषित करने, 15 वर्ष की बस आयु सीमा समाप्त करने, अंतरराज्यीय स्थायी परमिटों के नवीनीकरण तथा परिवहन कार्यालयों में समय पर कार्यवाही सुनिश्चित करने जैसी मांगें भी प्रमुख रूप से उठाई गई हैं।
बस संचालकों का कहना है कि डीजल, स्पेयर पार्ट्स, मेंटेनेंस और अन्य खर्चों में लगातार वृद्धि हुई है, लेकिन किराया नहीं बढ़ाया गया। वहीं परिवहन विभाग की प्रक्रियाओं के कारण बस मालिकों को आर्थिक नुकसान और प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
रतलाम जिला बस संचालक एसोसिएशन नें ज्ञापन दिया अध्यक्ष सुबेन्द्रसिंह गुर्जर, सचिव रामगोपाल राठी सहित उपाध्यक्ष वैभव जाट, अय्यूब मेव, पंकज उदीवाल, मनीष जैन, विकास अग्रवाल, मुबारिक मेव, सह-सचिव लक्ष्मणसिंह सिसौदिया, श्यामलाल टांक, कोषाध्यक्ष आमिर मुगल तथा मयंक जाट, ओमप्रकाश दाधिच, हरिश पुरोहित, सत्तार मेव, भारतसिंह राठौर, विजेन्द्र चोरमा, मांगीलाल गुर्जर, सद्दाम मेव, अनिल पाटीदार, जावेद मेव, राजकुमार कसेरा, ऊंकारलाल गुर्जर, अमन जाट, भेरूलाल राठौड़, अर्जुनसिंह वेराडिया, जयप्रकाश टांक, विकास पारगी, कैलाश बोरिया, इदरिस शाह और मुन्ना शेरानी ने शासन से शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है।
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर में बस सेवा पूरी तरह ठप रहेगी। ऐसी स्थिति में यात्रियों को होने वाली असुविधा की जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। यह चेतावनी परिवहन व्यवस्था पर बड़ा असर डाल सकती है और सरकार के लिए भी एक महत्वपूर्ण चुनौती बनकर उभर रही है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत