रतलाम। मुख्यमंत्री राशन आपके द्वार योजना और सार्वजनिक वितरण प्रणाली में कथित अनियमितताओं के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। बाजना थाना क्षेत्र के ग्राम गढ़ीगमना में उचित मूल्य दुकान के खाद्यान्न स्टॉक में भारी अंतर पाए जाने और राशन सामग्री को बाजार में बेचने के उद्देश्य से ले जाने के मामले में चार लोगों के विरुद्ध पुलिस थाना बाजना में एफआईआर दर्ज की गई है। कार्रवाई के बाद राशन वितरण व्यवस्था को लेकर क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
मामले में अनुबंधित वाहन के मालिक अनीस भगोरा, वाहन चालक मोहन चरपोटा, उचित मूल्य दुकान गढ़ीगमना की विक्रेता रीना पति मुकेश टांक तथा मुकेश टांक पिता शंकर टांक को आरोपी बनाया गया है।
जानकारी के अनुसार 19 जुलाई 2026 को ग्राम गढ़ीगमना के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री राशन आपके द्वार योजना के वाहन क्रमांक MP43G5042 को रोककर पुलिस थाना बाजना में खड़ा कराया था। इसके बाद 20 जुलाई को ग्राम पंचायत गढ़ीगमना के सरपंच दलीचंद पिता रंगलाल मेडा सहित अन्य ग्रामीणों की मौजूदगी में पुलिस के समक्ष वाहन की जांच की गई। जांच के दौरान वाहन में 50 किलोग्राम क्षमता वाले जूट के 30 कट्टों में गेहूं तथा तौल कांटा मिला। गेहूं और तौल कांटा जब्त कर प्राथमिक कृषि साख समिति बाजना द्वारा संचालित उचित मूल्य दुकान के विक्रेता पन्नालाल टांक को सुपुर्द किया गया, जबकि वाहन चालक मोहन चरपोटा की सुपुर्दगी में वाहन दिया गया।
जांच के दौरान पुलिस थाने में मौजूद उपभोक्ताओं, ग्रामीणों और सरपंच दलीचंद मेडा ने आरोप लगाया कि गढ़ीगमना की उचित मूल्य दुकान से राशन वितरण का काम विक्रेता रीना टांक और उनके पति मुकेश टांक द्वारा किया जाता है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि उन्हें नियमित रूप से राशन सामग्री उपलब्ध नहीं कराई जाती तथा बची हुई राशन सामग्री को बाजार में बेचने का आरोप है। ग्रामीणों के अनुसार दुकान महीने में केवल 2 से 3 दिन खोली जाती है और ई-केवाईसी के लिए उपभोक्ताओं को बाजना स्थित घर पर बुलाया जाता है।
मामले की जांच में विभागीय पोर्टल पर दर्ज स्टॉक और गढ़ीगमना उचित मूल्य दुकान कोड क्रमांक 1706004 में उपलब्ध वास्तविक खाद्यान्न का मिलान किया गया। इस दौरान स्टॉक में बड़ा अंतर सामने आया। जांच में 4,000 किलोग्राम गेहूं, 1,000 किलोग्राम चावल और 40 किलोग्राम शक्कर कम पाई गई। कम पाए गए खाद्यान्न की अनुमानित आर्थिक कीमत करीब 1 लाख 59 हजार रुपये आंकी गई है।
जांच प्रतिवेदन में प्रथम दृष्टया यह भी पाया गया कि मुख्यमंत्री राशन आपके द्वार योजना के वाहन में उचित मूल्य दुकान से गेहूं के 30 कट्टे बाजार में बेचने के उद्देश्य से ले जाए जा रहे थे। खास बात यह रही कि वाहन में गेहूं के अलावा अन्य राशन सामग्री नहीं मिली।
सहायक आपूर्ति अधिकारी सैलाना-बाजना मुकेश चौहान के जांच प्रतिवेदन के आधार पर वाहन मालिक अनीस भगोरा और चालक मोहन चरपोटा द्वारा निर्धारित वाहन व्यवस्था संबंधी प्रावधानों का उल्लंघन तथा उचित मूल्य दुकान की विक्रेता रीना टांक एवं मुकेश टांक द्वारा मध्यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश 2015 की कंडिका 10(4), 11(1)(2), 18 एवं 19 के प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया।
जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर चारों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत अपराध दंडनीय पाए जाने पर थाना बाजना में एफआईआर दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
राशन दुकान में हजारों किलो खाद्यान्न की कमी और राशन वाहन से गेहूं के कट्टे ले जाने के मामले ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पुलिस कार्रवाई के साथ ही मामले में आगे की जांच में यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि स्टॉक में हुई कमी और राशन सामग्री के कथित अवैध परिवहन के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे तथा खाद्यान्न की कमी किस अवधि में और किस स्तर पर हुई।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत