रतलाम। बिलपांक थाना क्षेत्र के रेनमऊ फंटे पर बस में सर्राफा व्यापारी से हुई करोड़ों रुपये के सोने चांदी की कथित लूट के मामले में अब नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है।
पुलिस ने व्यापारी के एक दोस्त के पास से करीब 300 ग्राम सोना बरामद किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार घटना के बाद व्यापारी ने अपने दोस्त को बुलाकर यह सोना सौंपा था। खास बात यह है कि व्यापारी ने पुलिस को इस सोने के बारे में जानकारी नहीं दी थी और न ही प्रारंभिक शिकायत में इसका उल्लेख किया गया। सोने की बरामदगी के बाद पुलिस अब पूरे घटनाक्रम को कई एंगल से खंगाल रही है।
जानकारी के अनुसार जैन कॉलोनी निवासी सर्राफा व्यवसायी अर्पित चौरड़िया गुरुवार रात व्यापारिक कार्य से बड़नगर से बस के जरिए रतलाम लौट रहे थे। शिकायत के मुताबिक इसी दौरान पांच संदिग्ध युवक बस में सवार हुए। इनमें से एक युवक चालक के पास जाकर बैठ गया जबकि अन्य अलग-अलग स्थानों पर बैठ गए। रात करीब 9 से 9:30 बजे के बीच रेनमऊ फंटे के पास चालक के पास बैठे युवक ने बस रुकवाई। बस रुकते ही अन्य बदमाशों ने व्यापारी के पास रखा बैग कथित तौर पर छीन लिया और पांचों मौके से फरार हो गए।
प्रारंभिक जानकारी में व्यापारी के पास करीब 5 किलो सोनेचांदी के आभूषण होने तथा इन्हीं के लूटे जाने की बात सामने आई थी। करोड़ों रुपये के सोने की इस वारदात ने पुलिस महकमे में भी हड़कंप मचा दिया था।
घटना की सूचना मिलते ही डीआईजी निमिष अग्रवाल एसपी अमित कुमार, एएसपी विवेक कुमार, एएस पी राकेश पंन्द्रो एसडीओपी किशोर पाटनवाला रावटी थाना प्रभारी एसडीओपी सुरेंद्र गड़रिया और बिलपांक थाना प्रभारी अयूब खान सहित पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने तत्काल बदमाशों की तलाश शुरू करने के साथ व्यापारी से घटना और उसके व्यापारिक लेनदेन को लेकर पूछताछ की।
पुलिस व्यापारी को लेकर बड़नगर भी पहुंची और वहां उन व्यापारियों से जानकारी जुटाई, जिन्हें व्यापारी ने सोना दिया था तथा जिनसे भुगतान लिया था। पुलिस अब यह भी मिलान कर रही है कि व्यापारी वास्तव में बड़नगर से रतलाम के लिए कितना सोना लेकर रवाना हुआ था और उसके पास कुल कितनी मात्रा मौजूद थी।
धराड़ चौकी के पास दोस्त को बुलाकर सौंपा 300 ग्राम सोना!
मामले में सबसे बड़ा सवाल तब खड़ा हुआ जब पुलिस को जानकारी मिली कि घटना के बाद व्यापारी ने धराड़ चौकी के पास अपने एक दोस्त को बुलाया और करीब 300 ग्राम सोना उसे सौंप दिया। पुलिस के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक व्यापारी ने इस संबंध में पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी।
बताया जा रहा है कि मुखबिर के माध्यम से पुलिस को इस लेनदेन की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने रात में ही व्यापारी के दोस्त को थाने बुलाया और उसके पास से करीब 300 ग्राम सोना बरामद कर लिया।
अब पुलिस के सामने सबसे अहम सवाल यह है कि यदि यह सोना व्यापारी के पास बचा हुआ था तो उसने इसे घटना के तत्काल बाद दोस्त को क्यों सौंपा और पुलिस से इसकी जानकारी क्यों छिपाई? क्या व्यापारी वास्तव में करीब पांच किलो सोना लेकर बड़नगर से रतलाम लौट रहा था? या फिर उसके पास मौजूद सोने की वास्तविक मात्रा कुछ और थी?
पुलिस यह संभावना भी जांच रही है कि कहीं व्यापारी ने घटना के बाद अपने पास बचे सोने को सुरक्षा की दृष्टि से दोस्त के पास तो नहीं रखवाया था। दूसरी ओर पुलिस कथित लूट की पूरी कहानी और व्यापारी के व्यापारिक लेनदेन के बीच भी कड़ियां जोड़ रही है।
फिलहाल पुलिस रेनमऊ फंटे से लेकर आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज, बस में सवार संदिग्धों की गतिविधियां, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। बड़नगर में व्यापारी द्वारा किए गए सोने के लेनदेन की भी पड़ताल की जा रही है।
300 ग्राम सोने की बरामदगी ने इस करोड़ों की लूट को नया मोड़ दे दिया है। अब पुलिस के सामने सिर्फ कथित लूट करने वाले पांच बदमाशों तक पहुंचने की चुनौती नहीं है, बल्कि यह भी स्पष्ट करना जरूरी है कि व्यापारी के पास घटना के समय वास्तविक रूप से कितना सोना था, कितना सोना बेचा गया और 300 ग्राम सोना दोस्त तक कैसे पहुंचा।
पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर साफ होगी।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत