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रतलाम/सरवन। गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के मामले में सरवन पुलिस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मोबाइल रिकवरी में हैट्रिक लगाई है। पुलिस ने लगातार तीन अभियानों में अब तक 34 एंड्राइड मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक धारकों को वापस सौंपे हैं। बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत 6 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। पुलिस की इस कार्रवाई से मोबाइल धारकों को आर्थिक नुकसान से राहत मिलने के साथ ही उनके निजी डेटा के दुरुपयोग की आशंका भी कम हुई है। सरवन पुलिस की ताजा कार्रवाई में 12 एंड्राइड मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनकी कुल कीमत करीब 1 लाख 75 हजार रुपये है। पुलिस ने सभी 12 मोबाइल उनके वास्तविक धारकों को सुपुर्द किए। इससे पहले भी दो अलग-अलग अभियानों में मोबाइल बरामद कर लोगों को लौटाए जा चुके हैं। इस तरह अब तक तीन अभियानों में कुल 34 मोबाइल रिकवर किए गए हैं। CEIR पोर्टल बना मोबाइल रिकवरी का मजबूत हथियारपुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में भारत सरकार के CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। गुम या चोरी हुए मोबाइल की शिकायत मिलने के बाद उसके IMEI नंबर सहित तकनीकी जानकारी CEIR पोर्टल पर दर्ज की जाती है। इसके बाद मोबाइल के दोबारा किसी नेटवर्क पर उपयोग में आने की जानकारी के आधार पर पुलिस उसकी तलाश आगे बढ़ाती है। इसी तकनीकी प्रक्रिया और साइबर विश्लेषण के जरिए सरवन पुलिस ने रतलाम जिले के विभिन्न क्षेत्रों के साथ-साथ राजस्थान के बांसवाड़ा एवं सावलिया सेठ क्षेत्र तक मोबाइलों को ट्रेस कर बरामद किया। पुलिस ने ओप्पो, वीवो, टेक्नो सहित विभिन्न कंपनियों के मोबाइल बरामद किए हैं। पुलिस टीम की मेहनत लाई रंगअतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार लाल एवं एसडीओपी सुश्री नीलम बघेल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक अर्जुन सेमलिया के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मोबाइल रिकवरी अभियान चलाया। साइबर सेल रतलाम के सहयोग से तकनीकी जानकारी जुटाकर अलग-अलग स्थानों पर मोबाइलों को ट्रेस किया गया और उन्हें बरामद कर वास्तविक धारकों तक पहुंचाया गया। मोबाइल वापस मिलते ही खिले चेहरेआज के समय में मोबाइल केवल बातचीत का साधन नहीं रह गया है। मोबाइल में बैंकिंग से जुड़ी जानकारी, निजी दस्तावेज, फोटो, संपर्क नंबर, पढ़ाई और रोजगार से संबंधित महत्वपूर्ण डेटा मौजूद रहता है। ऐसे में मोबाइल गुम होने पर व्यक्ति को आर्थिक नुकसान के साथ निजी जानकारी के दुरुपयोग की भी चिंता रहती है। मोबाइल वापस मिलने पर धारकों के चेहरे पर खुशी साफ नजर आई और उन्होंने पुलिस की कार्रवाई की सराहना की। बरामद मोबाइल दिनेश मईड़ा निवासी बड़ीखुर्द, संजय निवासी सालरापाड़ा, मुकेश खराड़ी निवासी उण्डेर, कालू मईड़ा निवासी सेलियारुंडी, हरिश निनामा, प्रेम खराड़ी निवासी गराड़, सुभाष दामा निवासी पालवा, गोवर्धन राठौड़, राजू गणावा निवासी भंडारिया, दीपक पिता गौतम मईड़ा निवासी शैरा, कालू पिता लालजी खराड़ी निवासी गराड़ एवं अनिल जैन निवासी रतलाम को सुपुर्द किए गए। थाना प्रभारी ने की CEIR ऑपरेटर की सराहनाथाना प्रभारी निरीक्षक अर्जुन सेमलिया ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार गुम और चोरी हुए मोबाइलों की बरामदगी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह तीसरा अभियान है, जिसमें 12 मोबाइल फोन, करीब 1 लाख 75 हजार रुपये कीमत के, बरामद कर उनके धारकों को सौंपे गए हैं। थाना प्रभारी ने इस कार्रवाई में CEIR पोर्टल ऑपरेटर आरक्षक गजपाल सिंह राठौर के कार्य की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने बताया कि गजपाल सिंह राठौर साइबर संबंधी तकनीकी कार्यों में लगातार सक्रिय भूमिका निभाते हैं और मोबाइल रिकवरी के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाओं तथा डायल-100 से संबंधित जानकारी एवं अपडेट का कार्य भी देखते हैं। थाना प्रभारी के अनुसार, उनके बेहतर कार्य के लिए 15 अगस्त के अवसर पर भी उन्हें सम्मानित किया गया था। इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिकामोबाइल रिकवरी अभियान में थाना प्रभारी निरीक्षक अर्जुन सेमलिया, प्रधान आरक्षक गल सिंह सिसौदिया, प्रधान आरक्षक विमल निनामा, आरक्षक गजपाल सिंह राठौर (CEIR पोर्टल ऑपरेटर) एवं आरक्षक क्रमांक 89 अशोक गुर्जर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सरवन पुलिस की लगातार तीन सफल कार्रवाइयों ने यह साबित किया है कि तकनीक और पुलिस की सक्रियता के बेहतर तालमेल से गुम हुई संपत्ति को उसके वास्तविक मालिक तक पहुंचाया जा सकता है। मोबाइल रिकवरी की इस हैट्रिक से आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है। रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत |
रतलाम/सरवन। गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के मामले में सरवन पुलिस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मोबाइल रिकवरी में हैट्रिक लगाई है। पुलिस ने लगातार तीन अभियानों में अब तक 34 एंड्राइड मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक धारकों को वापस सौंपे हैं। बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत 6 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। पुलिस की इस कार्रवाई से मोबाइल धारकों को आर्थिक नुकसान से राहत मिलने के साथ ही उनके निजी डेटा के दुरुपयोग की आशंका भी कम हुई है।
सरवन पुलिस की ताजा कार्रवाई में 12 एंड्राइड मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनकी कुल कीमत करीब 1 लाख 75 हजार रुपये है। पुलिस ने सभी 12 मोबाइल उनके वास्तविक धारकों को सुपुर्द किए। इससे पहले भी दो अलग-अलग अभियानों में मोबाइल बरामद कर लोगों को लौटाए जा चुके हैं। इस तरह अब तक तीन अभियानों में कुल 34 मोबाइल रिकवर किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में भारत सरकार के CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। गुम या चोरी हुए मोबाइल की शिकायत मिलने के बाद उसके IMEI नंबर सहित तकनीकी जानकारी CEIR पोर्टल पर दर्ज की जाती है। इसके बाद मोबाइल के दोबारा किसी नेटवर्क पर उपयोग में आने की जानकारी के आधार पर पुलिस उसकी तलाश आगे बढ़ाती है।
इसी तकनीकी प्रक्रिया और साइबर विश्लेषण के जरिए सरवन पुलिस ने रतलाम जिले के विभिन्न क्षेत्रों के साथ-साथ राजस्थान के बांसवाड़ा एवं सावलिया सेठ क्षेत्र तक मोबाइलों को ट्रेस कर बरामद किया। पुलिस ने ओप्पो, वीवो, टेक्नो सहित विभिन्न कंपनियों के मोबाइल बरामद किए हैं।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार लाल एवं एसडीओपी सुश्री नीलम बघेल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक अर्जुन सेमलिया के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मोबाइल रिकवरी अभियान चलाया। साइबर सेल रतलाम के सहयोग से तकनीकी जानकारी जुटाकर अलग-अलग स्थानों पर मोबाइलों को ट्रेस किया गया और उन्हें बरामद कर वास्तविक धारकों तक पहुंचाया गया।
आज के समय में मोबाइल केवल बातचीत का साधन नहीं रह गया है। मोबाइल में बैंकिंग से जुड़ी जानकारी, निजी दस्तावेज, फोटो, संपर्क नंबर, पढ़ाई और रोजगार से संबंधित महत्वपूर्ण डेटा मौजूद रहता है। ऐसे में मोबाइल गुम होने पर व्यक्ति को आर्थिक नुकसान के साथ निजी जानकारी के दुरुपयोग की भी चिंता रहती है। मोबाइल वापस मिलने पर धारकों के चेहरे पर खुशी साफ नजर आई और उन्होंने पुलिस की कार्रवाई की सराहना की।
बरामद मोबाइल दिनेश मईड़ा निवासी बड़ीखुर्द, संजय निवासी सालरापाड़ा, मुकेश खराड़ी निवासी उण्डेर, कालू मईड़ा निवासी सेलियारुंडी, हरिश निनामा, प्रेम खराड़ी निवासी गराड़, सुभाष दामा निवासी पालवा, गोवर्धन राठौड़, राजू गणावा निवासी भंडारिया, दीपक पिता गौतम मईड़ा निवासी शैरा, कालू पिता लालजी खराड़ी निवासी गराड़ एवं अनिल जैन निवासी रतलाम को सुपुर्द किए गए।
थाना प्रभारी निरीक्षक अर्जुन सेमलिया ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार गुम और चोरी हुए मोबाइलों की बरामदगी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह तीसरा अभियान है, जिसमें 12 मोबाइल फोन, करीब 1 लाख 75 हजार रुपये कीमत के, बरामद कर उनके धारकों को सौंपे गए हैं।
थाना प्रभारी ने इस कार्रवाई में CEIR पोर्टल ऑपरेटर आरक्षक गजपाल सिंह राठौर के कार्य की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने बताया कि गजपाल सिंह राठौर साइबर संबंधी तकनीकी कार्यों में लगातार सक्रिय भूमिका निभाते हैं और मोबाइल रिकवरी के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाओं तथा डायल-100 से संबंधित जानकारी एवं अपडेट का कार्य भी देखते हैं। थाना प्रभारी के अनुसार, उनके बेहतर कार्य के लिए 15 अगस्त के अवसर पर भी उन्हें सम्मानित किया गया था।
मोबाइल रिकवरी अभियान में थाना प्रभारी निरीक्षक अर्जुन सेमलिया, प्रधान आरक्षक गल सिंह सिसौदिया, प्रधान आरक्षक विमल निनामा, आरक्षक गजपाल सिंह राठौर (CEIR पोर्टल ऑपरेटर) एवं आरक्षक क्रमांक 89 अशोक गुर्जर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सरवन पुलिस की लगातार तीन सफल कार्रवाइयों ने यह साबित किया है कि तकनीक और पुलिस की सक्रियता के बेहतर तालमेल से गुम हुई संपत्ति को उसके वास्तविक मालिक तक पहुंचाया जा सकता है। मोबाइल रिकवरी की इस हैट्रिक से आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत