रतलाम/सरवन। शीतला माता गरबा उत्सव समिति के तत्वावधान में ग्राम सरवन में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन हास्य व्यंग्य वीर रस और भावनाओं के अनूठे संगम के रूप में यादगार बन गया। देश के ख्यातनाम कवियों ने अपनी सशक्त रचनाओं और प्रभावशाली प्रस्तुतियों से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। हास्य कवियों की चुटीली पंक्तियों पर जहां पंडाल ठहाकों से गूंज उठा वहीं मां की ममता बेटियों के जीवन और महापुरुषों की वीरता पर आधारित कविताओं ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कवियों की शानदार प्रस्तुतियों पर श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ गीतकार दिनेश बारोट द्वारा मां सरस्वती की वंदना के साथ हुआ। इसके बाद कवियों ने एक के बाद एक अपनी रचनाओं की प्रस्तुति देकर काव्य संध्या को यादगार बना दिया।
हास्य की फुलझड़ियों से गूंजा पंडाल
हास्य कवि नंदकिशोर अकेला ने अपनी चुटीली रचनाओं और हास्य की फुलझड़ियों से श्रोताओं को खूब हंसाया। उनकी प्रस्तुतियों पर पंडाल में बार-बार ठहाके गूंजते रहे। वहीं इंदौर के प्रोफेसर श्यामसुंदर पलोड़ ने मां की ममता और उसके अतुलनीय त्याग पर केंद्रित अपनी मार्मिक कविता मां तू कितनी महान है प्रस्तुत कर श्रोताओं के दिलों को छू लिया।
मालवी हास्य कवि शंकर सिसोदिया ने अपनी रचनाओं के माध्यम से ग्रामीण परिवेश जनजीवन और मालवी संस्कृति का जीवंत चित्रण किया। उनकी हास्यपूर्ण प्रस्तुति ने श्रोताओं को खूब गुदगुदाया और पूरे आयोजन में उत्साह का माहौल बनाए रखा।
बेटियों पर कविता ने नम कीं आंखें
स्थानीय कवि दिनेश बारोट ने बेटियों के जीवन और भावनाओं पर आधारित अपनी मार्मिक कविता सुनाकर श्रोताओं को भावुक कर दिया।
बांध चली मैं बस यादों की गठरी
बरसाते रहे नैना मेरे
हिचकी भी ना ठहरी
बेटियों की विदाई और उनसे जुड़ी यादों का मार्मिक चित्रण सुनकर श्रोताओं ने कविता की खूब सराहना की।
इसके साथ ही उन्होंने भगवान श्रीराम के भावों को अभिव्यक्त करती पंक्तियां प्रस्तुत कीं।
हे नरोत्तम नयन ना अपने करो
दुष्ट तो दुष्ट है इसका मर्दन करो
इन पंक्तियों पर भी श्रोताओं ने तालियों के साथ अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
महाराणा प्रताप की वीरता का किया गुणगान
ओजस्वी कवि बृजराज सिंह ब्रज ने महाराणा प्रताप के शौर्य पराक्रम और अदम्य साहस पर केंद्रित कविता प्रस्तुत कर वीर रस का संचार किया। महाराणा प्रताप की वीरता का वर्णन करते हुए उन्होंने श्रोताओं में देशभक्ति और स्वाभिमान की भावना जागृत की। वहीं कैप्टन मचार की सूझबूझ और वीरता को रेखांकित करती कविता के माध्यम से भी उन्होंने श्रोताओं में जोश भर दिया।
कवि सम्मेलन का प्रभावशाली संचालन प्रोफेसर श्यामसुंदर पलोड़ ने किया। अपनी वाकपटुता और मंच संचालन की शैली से उन्होंने कार्यक्रम को रोचक बनाए रखा।
कवियों का चुनरी भेंट कर किया स्वागत
कार्यक्रम के पूर्व शीतला माता गरबा उत्सव समिति की ओर से आमंत्रित कवियों का माता की चुनरी भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया। इस दौरान समिति अध्यक्ष नाथूलाल रेगा सहित दिनेश बारोट राजेंद्र चौहान दिनेश गुर्जर लोकेश परमार रवि रेगा अनुराग शर्मा प्रभुलाल निनामा चंदर सिंह राठौड़ धर्मेंद्र रेगा गोविंद मोहड़िया राधेश्याम बारोट राहुल कटारा शुभम बारोट राजेश पांचाल कमल मईड़ा भंवरलाल बारोट सागर रेगा और आजाद सोनवा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
समिति द्वारा गांव के गणमान्य नागरिकों का भी स्वागत एवं सम्मान किया गया। सम्मानित होने वालों में सरपंच शंभूड़ी बाई भाभर जनपद सदस्य संजय आशर्मा ठाकुर दीनदयाल सिंह शक्तावत पुष्कर लाल गेलड़ा और राजेंद्र सिंह सिसोदिया सहित अन्य प्रतिष्ठित नागरिक शामिल रहे।
ग्राम सरवन में आयोजित इस कवि सम्मेलन ने साहित्य संस्कृति और सामाजिक सरोकारों को एक मंच पर लाकर श्रोताओं को हास्य संवेदना और राष्ट्रप्रेम से भरपूर यादगार शाम की सौगात दी।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत