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चीताखेड़ा -। चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व 19 मार्च से शुरू होने जा रहा है, लेकिन इससे पहले ही नीमच जिले के चीताखेड़ा स्थित प्रसिद्ध आवरी माता मंदिर जाने वाला मार्ग बदहाल स्थिति में है। करीब 9 माह से सड़क निर्माण कार्य अधूरा पड़ा होने के कारण श्रद्धालुओं और ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नवरात्रि के दौरान मध्य प्रदेश और राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं, लेकिन खराब सड़क के कारण मंदिर तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। जिला पंचायत अध्यक्ष सज्जन सिंह चौहान ने सड़क निर्माण कार्य का जायजा लिया उस दौरान मौके पर श्रद्धालुओं ने घेर लिया तो श्री चौहान ने जब संबंधित अधिकारियों को फोन लगाया तो किसी ने भी नहीं उठाया तो भड़क गए चौहान और जब जिला कलेक्टर डॉ हिमांशु चंद्रा को फोन लगाया तो फोन पर बात करी तो जिला कलेक्टर ने जल्द समाधान करने का आश्वासन दिया। चीताखेड़ा गांव से आवरी माता मंदिर तक जाने वाले लगभग 3.5 किलोमीटर लंबे मार्ग का निर्माण करीब 4 करोड़ रुपये की लागत से लोक निर्माण कार्य ठेकेदार द्वारा किया जा रहा है। बावजूद इसके निर्माण कार्य समय पर पूरा नहीं हो पाया है, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि खराब सड़क के कारण आए दिन लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं। रविवार को ग्रामीणों की शिकायत पर नीमच जिला पंचायत अध्यक्ष सज्जन सिंह चौहान वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता नवल गिर गोस्वामी, मधुसुदन राजोरा के साथ मौके पर पहुंचे और सड़क की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पीडब्ल्यूडी के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सहित संबंधित अधिकारियों को फोन लगाया, लेकिन किसी ने भी उनका फोन नहीं उठाया। इससे नाराज होकर उन्होंने कलेक्टर हिमांशु चंद्र से फोन पर चर्चा की, जिस पर कलेक्टर ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें शर्मिंदगी महसूस हो रही है कि इतने बड़े पद पर होने के बावजूद अधिकारी उनका फोन उठाना जरूरी नहीं समझते। कहा कि प्रशासनिक अधिकारी सरकार को बदनाम करने पर तुले हुए हैं,उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क निर्माण पूरा नहीं हुआ तो आमजनता के साथ सड़क पर उतरेगें । पीडब्ल्यूडी विभाग के एक अधिकारी विवेक ने जिला पंचायत अध्यक्ष को मौखिक रूप से आश्वासन दिया है कि 19 मार्च से पहले अधूरा निर्माण कार्य पूरा कर दिया जाएगा। फिलहाल ग्रामीणों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि यह आश्वासन जमीन पर कब तक उतरता है। रिपोर्ट : दशरथ माली |