रतलाम / सैलाना
सैलाना ब्लॉक की सकरावदा ग्राम पंचायत अंतर्गत मकनपुरा, देवगढ़ और महुडीपाड़ा गांव में वाग्धारा संस्था द्वारा आयोजित रात्रि चौपाल कार्यक्रम ग्रामीण जागरूकता का सशक्त मंच बनकर सामने आया। देर शाम आयोजित इस कार्यक्रम में जल संरक्षण, शिक्षा, पशुपालन, पलायन रोकथाम और युवा स्वरोजगार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से संवाद हुआ। बड़ी संख्या में ग्रामीणों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने इसमें उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से अपने गांव के विकास से जोड़ना रहा। रात्रि चौपाल में फिल्म प्रदर्शन के जरिए जल संकट, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और सामूहिक प्रयासों से समाधान की जानकारी दी गई। ग्रामीणों को बताया गया कि यदि गांव में पानी रुकेगा तो खेती, पशुपालन और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित रहेगा।
जनपद अध्यक्ष कैलाशी बाई चारेल ने चौपाल को संबोधित करते हुए कहा कि गांव के विकास के लिए ग्रामसभा में सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने ग्रामीणों से जल संरक्षण और सामुदायिक निर्णयों में मिलकर भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अगर गांव में पानी रुकेगा तो खेती बचेगी, समय बचेगा और बच्चों का भविष्य भी सुरक्षित होगा।
वाग्धारा संस्था से माही मध्यप्रदेश यूनिट लीडर धर्मेंद्र सिंह चुंडावत ने पारंपरिक हलमा परंपरा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए तालाब, कुएं और जल स्रोतों की सफाई, गहरीकरण तथा वर्षा जल संचयन संरचनाओं के निर्माण व मरम्मत के लिए सामूहिक श्रमदान की प्रेरणा दी।
वहीं ब्लॉक सहजकर्ता पिंकी टेलर ने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकार का नहीं, बल्कि पूरे गांव की सामूहिक जिम्मेदारी है।
युवा उद्यमिता समन्वयक महेंद्र कुमावत ने युवाओं को कृषि आधारित व्यवसाय, पशुपालन, कौशल विकास और छोटे उद्यमों से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय संसाधनों का सही उपयोग कर गांव के युवा रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकते हैं।
पशुपालन विभाग के डॉ. बी.एल. पाटीदार ने उन्नत पशुपालन, पशु टीकाकरण और बीमारियों से बचाव की जानकारी दी। वहीं शिक्षा विभाग से नरेंद्र पारसी ने बच्चों की शिक्षा, पलायन की समस्या और विद्यालय में नियमित उपस्थिति व ठहराव पर संवाद करते हुए अभिभावकों को जागरूक किया।
कार्यक्रम में वाग्धारा संस्था के दिव्या शर्मा, कांतिलाल, अमृतराम परिहार, राकेश पारगी और मनोज डामर सहित कई कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। रात्रि चौपाल ने ग्रामीणों में जल संरक्षण, शिक्षा और सामुदायिक जिम्मेदारी को लेकर नई चेतना जगाई और गांवों में सकारात्मक बदलाव की दिशा में मजबूत संदेश दिया।
Reporter Jitendra Kumawat