रतलाम
महू-नीमच रोड स्थित सेजावता बायपास पर शासकीय भूमि पर कथित अवैध अतिक्रमण को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। हिंदू संगठन एवं हिंदू समाज जिला रतलाम ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यपालन यंत्री को शिकायत पत्र सौंपकर आरोप लगाया है कि हजरज पहलवान बाबा शाह दरगाह के नाम पर शासकीय भूमि पर दोबारा अवैध निर्माण किया जा रहा है और बिना अनुमति बड़े धार्मिक कार्यक्रम की तैयारी भी चल रही है।
शिकायत के अनुसार, लगभग दो वर्ष पूर्व प्रशासन ने उक्त स्थल पर बने अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की थी, लेकिन अब फिर से दरगाह के आसपास पक्का निर्माण और अतिक्रमण बढ़ा दिया गया है। बताया गया है कि यह भूमि ग्राम डोसिंगांव, सर्वे नंबर 104 की शासकीय मुख्य सड़क भूमि है, जहां अवैध रूप से आरसीसी छत और पक्का निर्माण किया गया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इससे फोरलेन हाईवे पर यातायात बाधित हो रहा है और सड़क जाम जैसी स्थिति बन रही है।
राजस्व विभाग के 28 जुलाई 2024 के प्रतिवेदन के अनुसार, सर्वे नंबर 104 की कुल 5.480 हेक्टेयर भूमि में से 0.020 हेक्टेयर पर अतिक्रमण दर्ज किया गया है। इसमें दरगाह से संबंधित स्थायी निर्माण होने का उल्लेख है। अतिक्रमणकर्ता के रूप में दरगाह समिति के सदस्य मजहर पिता फिरोज खान का नाम सामने आया है।
मामले को लेकर विवाद तब और बढ़ गया जब शिकायत में यह भी कहा गया कि दरगाह स्थल पर 13, 14 और 15 मई 2026 को कव्वाली सहित बड़े धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। आरोप है कि इसके लिए संबंधित प्रशासनिक विभागों से कोई वैध अनुमति नहीं ली गई है। शिकायतकर्ताओं ने आशंका जताई है कि यदि हजारों लोगों की भीड़ जुटी तो महू-नीमच रोड पर गंभीर यातायात अव्यवस्था और दुर्घटना की स्थिति बन सकती है।
हिंदू संगठन ने आवेदन में साफ कहा है कि यदि समय रहते अवैध निर्माण नहीं हटाया गया और कार्यक्रम नहीं रोका गया, तो किसी भी प्रकार की दुर्घटना या जनहानि की पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों और विभाग की होगी।
यह प्रकरण म.प्र. भूमि राजस्व संहिता 1959 की धारा 248 के अंतर्गत दर्ज बताया गया है।
शिकायत की प्रतिलिपि कार्यपालन यंत्री, एसडीओ लोक निर्माण विभाग तथा तहसीलदार रतलाम को भी भेजी गई है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस संवेदनशील मामले में क्या कार्रवाई करता है, क्योंकि धार्मिक स्थल, शासकीय भूमि और हाईवे सुरक्षा से जुड़ा यह मामला जिले में चर्चा का केंद्र बन गया
रिपोर्टर जितेंद्र कुमावत