रतलाम / सैलाना
सैलाना के रंगवाड़ी मोहल्ले में जमीन विवाद को लेकर रविवार रात माहौल तनावपूर्ण हो गया। बंदूक की नोक पर जमीन खाली कराने एवं जान से मारने की धमकी देने के आरोपों के बाद पाटीदार समाज के बड़ी संख्या में लोग थाना सैलाना पहुंचे और कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। करीब आधे घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस द्वारा प्रकरण दर्ज किए जाने पर धरना समाप्त हुआ।
फरियादी नारायण पाटीदार एवं गोपाल पाटीदार ने थाना सैलाना में आवेदन देकर बताया कि कृषि भूमि सर्वे नंबर 1697/14 की लगभग 2.500 हेक्टेयर जमीन वर्ष 2011 में इकरारनामे के माध्यम से ली गई थी। उनका कहना है कि उनका परिवार पिछले करीब 30 वर्षों से उक्त भूमि पर कब्जे में रहकर खेती कर रहा है। फरियादियों के अनुसार हाल ही में खरमोर अभ्यारण क्षेत्र से जुड़ी रोक हटने के बाद जमीन को लेकर विवाद शुरू हुआ।
जानकारी के अनुसार उक्त भूमि मूल रूप से पुखराज पिता बाबूलाल जैन निवासी सैलाना की निजी भूमि थी, जिसे बाद में राधाबाई राठौर निवासी जावरा को विक्रय किया गया। रविवार को राधाबाई के परिचित सुनील शर्मा अपने साथ ग्वालियर से आए कुछ लोगों को जमीन दिखाने पहुंचे थे। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बन गई।
पाटीदार पक्ष का आरोप है कि कुछ लोग काले रंग की स्कॉर्पियो वाहन में बंदूक लेकर पहुंचे और जमीन खाली नहीं करने पर पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी दी। वहीं दूसरे पक्ष का कहना है कि वे केवल जमीन देखने एवं दिखाने के उद्देश्य से वहां पहुंचे थे।
घटना के बाद बड़ी संख्या में पाटीदार समाजजन थाना सैलाना पहुंच गए। समाजजनों ने पुलिस पर आरोपियों को बचाने तथा गंभीर धाराएं कम करने के आरोप लगाए। धरने में नगर परिषद अध्यक्ष चैतन्य शुक्ला, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष जगदीश पट्टी, नेता प्रतिपक्ष मुकेश पटेल सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।
धरना प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण बनी रही, लेकिन थाना प्रभारी पिंकी आकाश द्वारा दोनों पक्षों एवं समाजजनों को समझाइश देने, निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाने तथा विधिसम्मत कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद मामला शांत हुआ और देर रात धरना समाप्त कर दिया गया। फिलहाल पुलिस ने आवेदन के आधार पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Crime reporter Jitendra Kumawat