रतलाम
अनुसूचित जनजाति कार्य विभाग में वर्षों से लंबित कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ अब खुलकर मैदान में उतर आया है। कर्मचारियों के हक और लंबित आर्थिक मामलों के निराकरण की मांग को लेकर संघ का एक प्रतिनिधिमंडल सहायक आयुक्त जनजाति कार्य विभाग रतलाम से मिला और समस्याओं का ज्ञापन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने विभाग में कार्यरत एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों की गंभीर समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि कई कर्मचारी 30 वर्ष क्रमोन्नति वेतनमान स्वीकृत होने के बावजूद एरियर भुगतान से अब तक वंचित हैं। इससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी व्याप्त है। संघ ने मांग की कि लंबित एरियर राशि का तत्काल भुगतान किया जाए, ताकि कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिल सके।
इसके साथ ही प्रतिनिधियों ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों की परेशानियों को भी सहायक आयुक्त के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि कई कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद समय पर पीपीओ जारी नहीं होने से पेंशन और अन्य स्वहित लाभों के लिए महीनों तक भटकना पड़ता है। संघ ने मांग की कि सेवानिवृत्ति के दिन ही पीपीओ जारी कर सभी स्वहितों का समय-सीमा में भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने लंबित डीए एरियर राशि के भुगतान का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया। कर्मचारियों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच लंबित भुगतान नहीं मिलने से आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
इस दौरान प्रांतीय सचिव बृजलाल बोरिया, रावटी तहसील अध्यक्ष नटवरलाल मईड़ा, रामलाल भाभर, अजय चावला, भंवरलाल देवड़ा, गोपाल टांक, के.एल. किहोरी एवं नानूराम देवड़ा सहित कई कर्मचारी प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
सहायक आयुक्त जनजाति कार्य विभाग रतलाम ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का शीघ्र निराकरण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो कर्मचारी संगठन आगे उग्र आंदोलन की रणनीति भी बना सकता है।