रतलाम
जिला शिक्षा केंद्र रतलाम को लंबे समय बाद स्थायी नेतृत्व मिलने से शिक्षा जगत में उत्साह का माहौल है। सोमवार को श्री अखिलेश राजपूत ने जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) के रूप में पदभार ग्रहण किया। उनके पदभार संभालते ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं शिक्षक संगठनों में नई ऊर्जा का संचार देखने को मिला। आजाद अध्यापक शिक्षक संघ रतलाम ने नवागत डीपीसी का आत्मीय एवं भव्य स्वागत कर उनके सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं।
उल्लेखनीय है कि पूर्व डीपीसी धर्मेंद्र सिंह हाड़ा के स्थानांतरण के बाद यह महत्वपूर्ण पद रिक्त था तथा इसका प्रभार एपीसी राजेश झा के पास था। अब अखिलेश राजपूत के पदभार ग्रहण करने से जिला शिक्षा केंद्र को पूर्णकालिक नेतृत्व मिल गया है, जिससे विभागीय कार्यों में गति आने की उम्मीद जताई जा रही है।
स्वागत समारोह में संघ के संभागाध्यक्ष प्रकाश शुक्ला एवं जिलाध्यक्ष सुनील कुमार गोंड़ के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने पुष्पगुच्छ एवं माल्यार्पण कर श्री राजपूत का अभिनंदन किया। इस अवसर पर संघ प्रतिनिधियों ने भरोसा दिलाया कि शासन की सभी शैक्षणिक योजनाओं और कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में संगठन पूर्ण सहयोग प्रदान करेगा तथा रतलाम जिले को शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश के अग्रणी जिलों में स्थापित करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
अपने संबोधन में नवागत डीपीसी अखिलेश राजपूत ने बेहद सरल और प्रेरणादायी अंदाज में कहा, “मैं कोई अधिकारी नहीं हूं, मेरे पदनाम में ही ‘समन्वयक’ लिखा है। मैं भी आप सभी का साथी हूं। शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए हम सभी को एक टीम की तरह कार्य करना होगा। शिक्षकों और कर्मचारियों के सहयोग के बिना किसी भी योजना को सफल बनाना संभव नहीं है। जहां भी किसी साथी को समस्या आएगी, मैं सबसे आगे खड़ा रहूंगा।”
कार्यक्रम में महेंद्र सिंह भाटी, राजेश स्वर्णकार, दिनेश परमार, हरिराम जाटवा, रमेश उपाध्याय, किरण पाटीदार, सावन पारगी, राजेंद्र सिंह राठौर, कैलाश सिंह जादौन, तरन्नुम जहां, रामलाल निनामा, धर्मेंद्र शर्मा, भूपेंद्र सिंह सिसोदिया, कैलाश डामोर, जितेंद्र डामर, गोविंद पाटीदार, भूप्रकाश मालवीय, जगदीश शर्मा, प्रकाश वर्मा, तोलराम कुलमी, रमेश वाघेला, महेंद्र सिंह राठौर, दिलीप दखड़िया एवं धर्मेंद्र गुप्ता सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं संघ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
नवागत डीपीसी के स्वागत समारोह ने यह स्पष्ट संकेत दिया कि रतलाम में शिक्षा की गुणवत्ता और शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभाग और शिक्षक संगठन मिलकर नई दिशा में कार्य करने को तैयार हैं।
रिपोर्टर :जितेन्द्र कुमावत