रतलाम / बाजना। जनहित के मुद्दों पर संगठित प्रयास किस तरह बड़ा बदलाव ला सकते हैं, इसका ताजा उदाहरण बाजना क्षेत्र में देखने को मिला। भीषण गर्मी के दौरान पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से उठाते हुए वाग्धारा संस्था द्वारा गठित कृषि एवं आदिवासी स्वराज संगठन बाजना एवं माताजी संगठन ने बंद पड़े हैंडपंपों को चालू कराने के लिए अभियान चलाया। संगठन की पहल और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के बाद क्षेत्र के विभिन्न गांवों में बंद पड़े हैंडपंपों की मरम्मत कर उन्हें पुनः संचालित कर दिया गया, जिससे सैकड़ों ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली।
ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार मिल रही शिकायतों के बाद संगठन के कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव पहुंचकर खराब और बंद पड़े हैंडपंपों का विस्तृत सर्वेक्षण किया। प्रत्येक स्थान की जानकारी संकलित कर सूची तैयार की गई और जनपद पंचायत बाजना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मनीष भंवर को ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल मरम्मत की मांग की गई। संगठन ने स्पष्ट रूप से बताया कि भीषण गर्मी में पेयजल संकट के कारण ग्रामीणों को दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है और पशुधन भी प्रभावित हो रहा है।
जनपद पंचायत बाजना ने संगठन की मांग को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। विभागीय टीमों ने खराब हैंडपंपों की मरम्मत शुरू की तथा जहां पाइप और अन्य सामग्री की कमी थी वहां नई सामग्री उपलब्ध कराकर हैंडपंपों को फिर से चालू किया गया। इसके बाद कई गांवों में पेयजल व्यवस्था सामान्य होने लगी और लोगों को राहत का अनुभव हुआ। इस पहल से न केवल ग्रामीण परिवारों बल्कि पशु-पक्षियों के लिए भी पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हुई।
कृषि एवं आदिवासी स्वराज संगठन और माताजी संगठन के पदाधिकारियों ने जनपद पंचायत बाजना एवं संबंधित विभाग की संवेदनशील कार्यशैली की सराहना की।
उन्होंने विशेष रूप से मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मनीष भंवर के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सकारात्मक सहयोग, त्वरित निर्णय और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता के कारण क्षेत्र के अनेक गांवों में पेयजल संकट का समय रहते समाधान संभव हो सका।
संगठन के प्रतिनिधि शंकरलाल मईड़ा, लालू जी, कैलाश भुज, लक्ष्मीबाई, जमनाबाई, रमेश, प्रभु, राजू मईड़ा और उंकार देवदा सहित अन्य साथियों ने प्रशासन एवं संबंधित विभाग का धन्यवाद ज्ञापित किया।
उन्होंने कहा कि संगठन भविष्य में भी ग्रामीणों की मूलभूत समस्याओं को मजबूती से उठाता रहेगा तथा प्रशासन के सहयोग से जनहित और ग्रामीण विकास के कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास जारी रहेगा।
ग्रामीणों ने भी संगठन की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे सामूहिक प्रयास और प्रशासनिक संवेदनशीलता का सफल उदाहरण बताया।