रतलाम / सैलाना। सैलाना पुलिस ने एक बार फिर अपनी सक्रियता और तकनीकी दक्षता का शानदार परिचय देते हुए 24 गुमशुदा एंड्रॉइड मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए। बरामद मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत 4 लाख 25 हजार रुपये से अधिक है। इस सराहनीय कार्रवाई से न केवल लोगों को उनकी कीमती संपत्ति वापस मिली बल्कि पुलिस के प्रति जनता का विश्वास भी और मजबूत हुआ।
आज के डिजिटल दौर में मोबाइल फोन केवल बातचीत का माध्यम नहीं बल्कि बैंकिंग लेनदेन व्यक्तिगत दस्तावेज पढ़ाई रोजगार और निजी जानकारी का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुके हैं। ऐसे में मोबाइल गुम होने पर लोगों को आर्थिक ही नहीं बल्कि मानसिक परेशानी का भी सामना करना पड़ता है।
इसी संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में सीईआईआर (Central Equipment Identity Register) पोर्टल का प्रभावी उपयोग कर गुमशुदा मोबाइलों की खोज का अभियान चलाया गया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश पंद्रो तथा एसडीओपी सुश्री नीलम बघेल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक पिंकी आकाश के नेतृत्व में सैलाना पुलिस ने साइबर सेल रतलाम के सहयोग से तकनीकी विश्लेषण और सटीक सूचना संकलन के आधार पर मोबाइलों को ट्रेस किया। बरामद मोबाइलों में ओप्पो वीवो और टेक्नो सहित विभिन्न कंपनियों के स्मार्टफोन शामिल हैं जो रतलाम जिले के अलग-अलग क्षेत्रों के साथ ही राजस्थान के बांसवाड़ा क्षेत्र में उपयोग किए जा रहे थे।
मोबाइल वापस मिलने पर सभी लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। उन्होंने थाना प्रभारी निरीक्षक पिंकी आकाश और पूरी पुलिस टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से उनकी मूल्यवान संपत्ति सुरक्षित वापस मिली और पुलिस व्यवस्था पर उनका भरोसा पहले से कहीं अधिक मजबूत हुआ।
इस उल्लेखनीय सफलता में थाना प्रभारी निरीक्षक पिंकी आकाश के साथ आरक्षक फकीरचंद्र सोलंकी अर्जुन मकवाना यशपाल धनगर महिला आरक्षक टीना सिसौदिया सीईआईआर ऑपरेटर तथा अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सैलाना पुलिस की यह कार्रवाई इस बात का प्रमाण है कि आधुनिक तकनीक और प्रभावी पुलिसिंग के समन्वय से आमजन को त्वरित राहत दिलाई जा सकती है। जिले में लगातार हो रही ऐसी सफल कार्रवाइयां पुलिस की संवेदनशील कार्यशैली और जनसेवा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत