रतलाम /सरवन। बारिश के मौसम में बढ़ने वाले रास्ता विवाद, भूमि सीमांकन, अतिक्रमण और खेतों तक आवागमन की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से रतलाम जिला प्रशासन की पहल पर शनिवार को रास्ता विवाद निराकरण एवं संयुक्त जनसुनवाई शिविर आयोजित किया गया। कलेक्टर मिशा सिंह एवं पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में आयोजित इस अभियान के तहत दूर-दराज के गांवों से बड़ी संख्या में किसान अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। सुबह से शाम तक चले शिविर में किसानों की भारी भीड़ रही और प्रशासन ने हर शिकायत को गंभीरता से सुनते हुए कई मामलों का मौके पर ही निराकरण किया।
इस अभियान की विशेष बात यह रही कि सैलाना तहसीलदार कुलभूषण शर्मा ने केवल सैलाना थाना परिसर में ही नहीं बल्कि सरवन थाना परिसर में आयोजित शिविर में भी स्वयं उपस्थित होकर किसानों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने राजस्व एवं पुलिस अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से लंबित प्रकरणों की सुनवाई की, दस्तावेजों एवं नक्शों का परीक्षण कराया तथा कई मामलों का मौके पर ही निराकरण कराया। जिन मामलों में आपसी सहमति नहीं बन सकी उन्हें भूमि सीमांकन एवं आगे की राजस्व कार्रवाई के लिए भेजा गया। दोनों थाना क्षेत्रों में तहसीलदार की सक्रिय मौजूदगी से बड़ी संख्या में किसानों को तत्काल राहत मिली।
शिविर में तहसीलदार कुलभूषण शर्मा, थाना प्रभारी अर्जुन सेमलिया, कस्बा पटवारी भूपेंद्र चावड़ा सहित राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौजूद रही। किसानों ने खेतों के रास्ते बंद होने भूमि सीमांकन सरकारी भूमि पर अतिक्रमण, नाली-नहर मार्ग पर कब्जा तथा फसल बोवनी के दौरान आवागमन में आने वाली परेशानियों से संबंधित अनेक आवेदन प्रस्तुत किए।
अधिकारियों ने मौके पर ही राजस्व अभिलेखों एवं नक्शों का परीक्षण कर कई मामलों का त्वरित समाधान किया। जिन प्रकरणों में सहमति नहीं बन सकी, उन्हें विधिवत सीमांकन के लिए भेजा गया।
तहसीलदार कुलभूषण शर्मा ने कहा कि बारिश का मौसम किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। ऐसे समय रास्ता और भूमि विवाद उनकी मेहनत को प्रभावित करते हैं। प्रशासन का प्रयास है कि विवाद बढ़ने से पहले ही उनका समाधान कर गांवों में शांति और सौहार्द बनाए रखा जाए। उन्होंने किसानों से कानून अपने हाथ में नहीं लेने तथा किसी भी विवाद की स्थिति में सीधे प्रशासन से संपर्क करने की अपील की।
थाना प्रभारी अर्जुन सेमलिया ने कहा कि रास्ते और भूमि के छोटे-छोटे विवाद कई बार बड़े झगड़ों का रूप ले लेते हैं। पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम निष्पक्ष एवं कानूनसम्मत कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि शिविर में उमड़ी किसानों की भारी भागीदारी प्रशासन के प्रति बढ़ते विश्वास का प्रमाण है और भविष्य में भी ऐसे शिविर लगातार आयोजित किए जाएंगे।
शिविर के दौरान कई किसानों ने वर्षों पुराने विवादों के समाधान पर संतोष व्यक्त किया। प्रशासन के इस सक्रिय अभियान से ग्रामीणों में विश्वास बढ़ा है कि अब भूमि और रास्ते से जुड़े विवादों का समयबद्ध एवं निष्पक्ष समाधान संभव होगा।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिलेभर में ऐसे रास्ता विवाद निराकरण एवं संयुक्त जनसुनवाई शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि किसानों को समय पर राहत मिल सके और ग्रामीण क्षेत्रों में शांति एवं सौहार्द बना रहे।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत