रतलाम। जिले के ग्राम शिवपुर की बोरिया बाग बस्ती के ग्रामीण एक बार फिर अपनी वर्षों पुरानी समस्या लेकर जनसुनवाई में कलेक्ट्रेट पहुंचे। वर्ष 2022 से मात्र 500 मीटर सड़क निर्माण की मांग कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष जनसुनवाई में आवेदन देने और अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद अब तक उन्हें केवल आश्वासन ही मिला है जबकि सड़क आज भी नहीं बन सकी है।
इस बार विरोध का तरीका अलग था। बड़ी संख्या में महिला पुरुषों के साथ छोटे-छोटे बच्चे भी जनसुनवाई में पहुंचे। बच्चों ने हाथों में तख्तियां लेकर अपनी पीड़ा जाहिर की। तख्तियों पर लिखा था जनसुनवाई नौटंकी है जनसुनवाई बंद करो जनसुनवाई में कोई काम नहीं होता सड़क क्यों नहीं बनती जवाब दो। बच्चों का कहना था कि बरसात में रास्ता पूरी तरह कीचड़ से भर जाता है जिससे स्कूल पहुंचना बेहद मुश्किल हो जाता है।
ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के दौरान कीचड़ में होकर स्कूल जाने से बच्चों के कपड़े जूते और बैग गंदे हो जाते हैं। कई बार उन्हें स्कूल में बैठने तक नहीं दिया जाता और वापस लौटना पड़ता है जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क जैसी मूलभूत सुविधा के अभाव में वर्षों से पूरा मोहल्ला परेशान है लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक स्थायी समाधान नहीं कर पाया है।
ग्रामीण एसडीएम आर्ची हरित ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि यह ग्राम शिवपुर की सड़क से जुड़ा मामला है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण करेंगी और जो भी सबसे बेहतर समाधान संभव होगा उसे लागू करने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि ग्रामीण यह कह रहे हैं कि वर्षों से आवेदन देने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो इस पूरे मामले की भी जांच की जाएगी कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों बनी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन या प्रशासन की इच्छाशक्ति पर सवाल उठाना पूरी तरह निराधार है। फिलहाल ग्रामीणों को तत्काल राहत देने और समस्या के समाधान के लिए प्रशासन पूरी कोशिश कर रहा है।
अब सवाल यह है कि क्या इस बार भी केवल गिट्टी मुरम डालकर औपचारिकता पूरी कर दी जाएगी या फिर चार वर्षों से संघर्ष कर रहे ग्रामीणों और शिक्षा के अधिकार के लिए जूझ रहे बच्चों को आखिरकार पक्की सड़क की सौगात मिलेगी। पूरे मामले पर अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
बाइट
अरुण शर्मा ग्रामीण
"चार साल से सड़क की मांग कर रहे हैं लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिलता है। बरसात में बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो जाता है और पूरा रास्ता कीचड़ से भर जाता है।"
सम्राट पाटीदार ग्रामीण
हम कई बार आवेदन दे चुके हैं लेकिन आज तक सड़क नहीं बनी। अब ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे रहा है और हम स्थायी समाधान चाहते हैं।
आर्ची हरित ग्रामीण एसडीएम
यह ग्राम शिवपुर की सड़क का मामला है। मैं स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण करूंगी और जो सबसे बेहतर समाधान संभव होगा उसे निकालने का प्रयास किया जाएगा। यदि ग्रामीण वर्षों से आवेदन देने की बात कह रहे हैं तो उस पहलू की भी जांच की जाएगी। फिलहाल तत्काल राहत और स्थायी समाधान के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता से प्रयास करेगा।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत