रतलाम। नगर पालिका निगम रतलाम में सफाई कर्मचारियों से कथित रूप से वेतन में से अवैध वसूली किए जाने का मामला सामने आया है। राज्य सफाई कर्मचारी मोर्चा ने इस संबंध में नगर निगम आयुक्त को विस्तृत ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय निष्पक्ष एवं गोपनीय जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। संगठन का आरोप है कि जोन क्रमांक 1 के अंतर्गत वार्ड क्रमांक 8 में कर्मचारियों पर दबाव बनाकर लंबे समय से नकद तथा UPI PhonePe सहित अन्य डिजिटल माध्यमों से राशि ली जा रही है।
राज्य सफाई कर्मचारी मोर्चा के रतलाम जिला अध्यक्ष शुभम डागर ने बताया कि संगठन को एक कर्मचारी की ओर से शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायतकर्ता ने अपनी पहचान गोपनीय रखने का अनुरोध किया है क्योंकि उसे विभागीय प्रताड़ना स्थानांतरण तथा कार्रवाई का भय है। इसी कारण संगठन ने कर्मचारी का नाम सार्वजनिक किए बिना पूरे मामले को संगठन के माध्यम से आयुक्त के समक्ष रखा है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि कर्मचारियों से कथित रूप से यह कहकर पैसे लिए जाते रहे कि राशि वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचानी पड़ती है। कर्मचारियों को इस संबंध में कोई वैधानिक आदेश या नियम नहीं बताया गया। संगठन का कहना है कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं गोपनीय जांच कराई जाए तो कई कर्मचारी सामने आकर अपने बयान और साक्ष्य देने के लिए तैयार हैं।
संगठन ने ज्ञापन के साथ UPI और PhonePe लेनदेन के स्क्रीनशॉट भी साक्ष्य के रूप में संलग्न किए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार कई बार 500 तथा 1000 रुपये के ऑनलाइन भुगतान किए जाने का विवरण भी प्रस्तुत किया गया है। संगठन का कहना है कि इन डिजिटल लेनदेन की तकनीकी जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जा सकती है।
शुभम डागर ने बताया कि संबंधित कर्मचारी ने वार्ड परिवर्तन के लिए भी आवेदन दिया था लेकिन उसे लंबे समय तक राहत नहीं मिली। संगठन का आरोप है कि कर्मचारियों में भय का वातावरण होने के कारण अधिकांश लोग खुलकर शिकायत करने से बचते हैं। यदि प्रशासन शिकायतकर्ताओं की पहचान गोपनीय रखकर जांच करेगा तो अन्य प्रभावित कर्मचारी भी सामने आ सकते हैं।
ज्ञापन में संगठन ने मांग की है कि सात दिवस के भीतर जांच प्रारंभ की जाए संबंधित कर्मचारियों के गोपनीय बयान दर्ज किए जाएं डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण कराया जाए तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारी या कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही भविष्य में कर्मचारियों से किसी भी प्रकार की कथित अवैध वसूली पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश जारी किए जाएं।
इस संबंध में ज्ञापन की प्रतिलिपि संभागायुक्त उज्जैन तथा कलेक्टर रतलाम को भी भेजी गई है। समाचार लिखे जाने तक नगर निगम प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। आरोपों की पुष्टि सक्षम जांच के बाद ही हो सकेगी।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत