उज्जैन /नागदा/रतलाम
मध्यप्रदेश के शिक्षा क्षेत्र के लिए शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नागदा में बहुप्रतीक्षित केंद्रीय विद्यालय का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह विद्यालय केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि क्षेत्र के विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। केंद्रीय विद्यालय की स्थापना से नागदा सहित आसपास के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के हजारों विद्यार्थियों को अब राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अपने ही क्षेत्र में उपलब्ध हो सकेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नए आयाम स्थापित कर रही है। नागदा में केंद्रीय विद्यालय का प्रारंभ होना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा, अनुशासित वातावरण और राष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक सुविधाएं प्राप्त होंगी।
विद्यालय के प्रथम चरण में कक्षा 1 से 5 तक की कक्षाएं संचालित की जाएंगी। प्रत्येक कक्षा में 40 विद्यार्थियों के प्रवेश के अनुसार कुल 200 सीटों पर अध्ययन प्रारंभ होगा। इनमें 25 प्रतिशत सीटें शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत पात्र बच्चों के लिए आरक्षित रहेंगी। प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है तथा 3 अगस्त 2026 से नियमित शिक्षण कार्य प्रारंभ होगा।
केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) द्वारा संचालित विद्यालय पूरे देश में समान पाठ्यक्रम, उत्कृष्ट शैक्षणिक गुणवत्ता और आधुनिक शिक्षण पद्धति के लिए जाने जाते हैं। यहां राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप विद्यार्थियों के बौद्धिक, सामाजिक, नैतिक एवं व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। विद्यालय में आधुनिक स्मार्ट कक्षाएं, विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाएं, समृद्ध पुस्तकालय, खेल सुविधाएं तथा विभिन्न सह-शैक्षणिक गतिविधियों की व्यवस्था की जाएगी, जिससे विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय विशेष रूप से उन परिवारों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होंगे, जिनका स्थानांतरण विभिन्न राज्यों और शहरों में होता रहता है। पूरे देश में एक समान पाठ्यक्रम होने के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई बिना किसी व्यवधान के जारी रह सकेगी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय विद्यालय अनुशासन, उत्कृष्टता, नवाचार और राष्ट्र निर्माण के मूल्यों का सशक्त केंद्र हैं तथा नागदा को मिली यह सौगात आने वाले वर्षों में पूरे क्षेत्र के शैक्षणिक और सामाजिक विकास को नई दिशा देगी।
कार्यक्रम में कर्नाटक के महामहिम राज्यपाल श्री थावरचंद गहलोत, उज्जैन जिले के प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेंटवाल, सांसद श्री अनिल फिरोजिया, आलोट विधायक श्री चिंतामणि मालवीय, खाचरोद विधायक श्री तेज बहादुर सिंह, घटिया विधायक श्री सतीश मालवीय, बडनगर विधायक श्री जितेंद्र पंडिया, श्री राजेश धाकड़ एवं श्री प्रदीप उपाध्याय सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
प्रशासनिक अधिकारियों में उज्जैन संभाग के आयुक्त श्री आशीष सिंह, एडीजी श्री राकेश गुप्ता, उज्जैन कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप शर्मा तथा केंद्रीय विद्यालय उज्जैन के प्राचार्य श्री मुकेश कुमार मीणा भी समारोह में मौजूद रहे।
नागदा में केंद्रीय विद्यालय का शुभारंभ क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है। इससे विद्यार्थियों को महानगरों जैसी उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगी प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर मिलेगा और क्षेत्र के शैक्षणिक विकास को नई गति प्राप्त होगी।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत