रतलाम । जिले में 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर व्यापक जनजागरूकता अभियान की शुरुआत होगी। इसके तहत 11 जुलाई से 18 जुलाई तक जिले की सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में परिवार नियोजन सेवाओं को विशेष रूप से संचालित किया जाएगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य सही समय पर गर्भधारण को प्रोत्साहित करना तथा दो बच्चों के बीच उचित अंतर बनाए रखने के लिए स्वैच्छिक परिवार नियोजन साधनों के उपयोग को बढ़ावा देना है जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आए और स्वस्थ एवं खुशहाल परिवार का निर्माण हो सके।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. किरण वाडीवा ने बताया कि इस वर्ष विश्व जनसंख्या दिवस की थीम मां और बच्चे की अच्छी सेहत के लिए गर्भधारण के लिए सही समय तथा गर्भावस्था के मध्य सही अंतर रखा जाना जरूरी है। अनचाहे गर्भधारण से बचें। निर्धारित की गई है। वहीं इस वर्ष का अभियान नारा जब तक बच्चों में हो सही अंतर परिवार बने स्वस्थ और खुशहाल रखा गया है।
डॉ. किरण वाडीवा ने बताया कि अभियान के दौरान जिले की सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में परिवार नियोजन के अस्थायी एवं स्थायी साधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही सेल्फ केयर किट के माध्यम से कंडोम प्रेग्नेंसी टेस्ट किट एवं आपातकालीन गर्भनिरोधक गोलियों का वितरण किया जाएगा तथा दंपतियों को विशेषज्ञों द्वारा निःशुल्क परामर्श भी उपलब्ध कराया जाएगा। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लोगों को परिवार नियोजन के लाभों के बारे में जागरूक करेंगी।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश मंडलोई ने बताया कि स्वस्थ परिवार के निर्माण में विवाह के बाद पहले बच्चे के जन्म में उचित देरी पहले और दूसरे बच्चे के बीच कम से कम तीन वर्ष का अंतर प्रसव के बाद तथा गर्भपात के बाद परिवार नियोजन सेवाओं का उपयोग और पुरुषों की सक्रिय सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि दीर्घकालिक गर्भनिरोधक साधनों को अपनाकर परिवार आर्थिक सामाजिक एवं स्वास्थ्य की दृष्टि से अधिक सुरक्षित और सशक्त बन सकता है।
अभियान के दौरान जिले में सास बहू सम्मेलन तथा परिवार विकास सम्मेलन का भी आयोजन किया जाएगा जिनमें परिवार नियोजन मातृ स्वास्थ्य पोषण एवं नवजात शिशु देखभाल जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की आशा कार्यकर्ता एएनएम एवं अन्य मैदानी स्वास्थ्य कर्मचारी घर-घर जाकर नवविवाहित दंपतियों एवं पात्र परिवारों से संपर्क करेंगे और विवाह के बाद कम से कम दो वर्ष तक गर्भधारण टालने पहले एवं दूसरे बच्चे के बीच तीन वर्ष का अंतर रखने तथा दो बच्चों के बाद स्थायी अथवा उपयुक्त गर्भनिरोधक साधनों को अपनाने के संबंध में परामर्श देंगे।
स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी पात्र दंपतियों से अपील की है कि वे इस विशेष अभियान का लाभ उठाएं और नजदीकी शासकीय स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचकर निःशुल्क परिवार नियोजन सेवाओं एवं विशेषज्ञ परामर्श का लाभ प्राप्त करें ताकि स्वस्थ मां स्वस्थ शिशु और स्वस्थ समाज के लक्ष्य को मिलकर साकार किया जा सके।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत