रतलाम
रतलाम जिले में पहली बार निजी विद्यालयों की कार्यप्रणाली शैक्षणिक गुणवत्ता और विद्यार्थियों के हितों को लेकर एक व्यापक एवं ऐतिहासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जनपद पंचायत सभागार में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत उपाध्यक्ष एवं शिक्षा समिति अध्यक्ष श्री केसु राम निनामा ने की। बैठक में BRCC, DPC, DPO, शिक्षा विभाग के अधिकारी, निजी विद्यालयों के संचालक, प्राचार्य तथा अभिभावक प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
बैठक की शुरुआत अधिकारियों एवं विद्यालय संचालकों के परिचय के साथ हुई, जिसके बाद श्री निनामा ने जिले के निजी विद्यालयों की व्यवस्थाओं, शिक्षा की गुणवत्ता, परीक्षा परिणाम, विद्यार्थियों की सुरक्षा और प्रशासनिक नियमों के पालन को लेकर विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि निजी विद्यालय केवल फीस वसूलने तक सीमित न रहें, बल्कि विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाएं।
समीक्षा के दौरान विद्यार्थियों से जुड़ी समस्याओं पर गंभीर चर्चा हुई। फीस, किताबें, यूनिफॉर्म, बच्चों की सुरक्षा तथा अभिभावकों की शिकायतों को प्रमुखता से उठाया गया। कई विद्यालयों में भवन, शौचालय, खेल मैदान और फायर सेफ्टी जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी सामने आई।
वहीं अभिभावकों ने कुछ स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वसूली और कमजोर परीक्षा परिणामों पर भी नाराजगी जताई।
बैठक में श्री केसु राम निनामा ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि कई निजी स्कूलों का परीक्षा परिणाम संतोषजनक नहीं है। सभी विद्यालय आगामी 15 दिनों के भीतर शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार करें तथा मान्यता निर्देश 2026-27 का पूरी सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। यदि भविष्य में बच्चों के हितों को नुकसान पहुंचा तो संबंधित विद्यालयों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मानसून को देखते हुए उन्होंने सभी विद्यालयों को निर्देश दिए कि तत्काल यह जानकारी उपलब्ध कराई जाए कि कौन-कौन से विद्यालय स्वयं के भवन में संचालित हो रहे हैं और कौन किराए के भवन में। साथ ही भवनों की फिटनेस, सुरक्षा व्यवस्था तथा शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता का पूरा विवरण भी प्रशासन को प्रस्तुत किया जाए, ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता न हो।
बैठक का एक महत्वपूर्ण निर्णय यह भी रहा कि जिले के सभी निजी विद्यालयों का भौतिक सत्यापन (फिजिकल वेरिफिकेशन) कराया जाएगा। प्रशासन विद्यालयों के भवन, सुरक्षा व्यवस्था, शैक्षणिक संसाधनों और अन्य व्यवस्थाओं का मौके पर जाकर निरीक्षण करेगा।
श्री निनामा ने विद्यालयों को एक नई पहल अपनाने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्कूल अपने पूर्व विद्यार्थियों (एलुमनाई) का रिकॉर्ड तैयार करे और यह जानकारी संकलित करे कि कितने छात्र प्रशासनिक सेवाओं, शिक्षा विभाग, पुलिस, पटवारी अथवा अन्य प्रतिष्ठित क्षेत्रों में कार्यरत हैं। ऐसे सफल विद्यार्थियों की तस्वीरें और उपलब्धियां विद्यालयों में प्रदर्शित की जाएं, ताकि वर्तमान विद्यार्थियों, विशेषकर ग्रामीण और जनजातीय अंचल के बच्चों को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल सके।
बैठक के दौरान उन्होंने नैतिक मूल्यों पर भी जोर देते हुए कहा, फटे कपड़े होंगे तो चलेंगे, लेकिन चरित्र के अंदर दाग नहीं होना चाहिए। उन्होंने बताया कि वे स्वयं भी एक अभिभावक की तरह सामान्य रूप से विद्यालयों का दौरा कर वास्तविक शिक्षा व्यवस्था का आकलन करते हैं।
बच्चों के मानसिक विकास और आत्मविश्वास पर चर्चा करते हुए श्री निनामा ने कहा कि ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों के अनेक प्रतिभाशाली बच्चे केवल झिझक के कारण अपनी क्षमता नहीं दिखा पाते। उन्होंने विद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देश दिए कि स्कूलों में ऐसा भयमुक्त वातावरण तैयार किया जाए, जहां बच्चे कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी या अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के सामने भी बिना किसी डर के आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रख सकें।
बैठक की एक सकारात्मक और प्रेरणादायक पहल भी सामने आई। रतलाम जिले के सैलाना स्थित निजी स्कूल के संचालक ने जानकारी दी कि उनके विद्यालय में विद्यार्थियों को निःशुल्क बस सुविधा और निःशुल्क ड्रेस उपलब्ध कराई जाती है तथा केवल ट्यूशन फीस ही ली जाती है। विद्यालय की इस पहल की अधिकारियों और उपस्थित अभिभावकों ने खुले मंच से सराहना की।
बैठक के दौरान सैलाना के एक विद्यालय के प्राचार्य ने अपने संस्थान की उल्लेखनीय शैक्षणिक उपलब्धियों की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा में विद्यालय की एक छात्रा ने 97.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले में टॉप किया, वहीं गणित विषय में 100 में से 100 अंक हासिल कर विद्यालय का नाम रोशन किया। यह उपलब्धि सुनते ही सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
प्राचार्य ने आगे बताया कि वर्ष 2025 की नीट (NEET) परीक्षा में विद्यालय की दो छात्राओं का चयन सरकारी मेडिकल कॉलेजों में हुआ। इनमें कनिका सोलंकी का चयन शासकीय मेडिकल कॉलेज रतलाम तथा वर्षा सिसोदिया का चयन शासकीय मेडिकल कॉलेज इंदौर में हुआ। साथ ही विद्यालय की छात्रा सोनम सिंगार ने आईआईटी-जेईई एडवांस्ड परीक्षा में सफलता प्राप्त कर संस्थान का गौरव बढ़ाया।
प्राचार्य ने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2026 में भी विद्यालय के विद्यार्थी नीट एवं अन्य राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर क्षेत्र का नाम रोशन करेंगे।
यह पहली विस्तृत समीक्षा बैठक स्पष्ट संकेत देती है कि अब जिले में निजी विद्यालयों की व्यवस्थाओं पर प्रशासन की नियमित और कड़ी निगरानी रहेगी। शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यार्थियों की सुरक्षा, पारदर्शिता और सर्वांगीण विकास को लेकर प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि बच्चों के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत