रतलाम । जिले में शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी तथा गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने मंगलवार को शिक्षा विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को सख्त एवं समयबद्ध निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिले का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए और कक्षा 1 से 8 तक प्रत्येक पात्र विद्यार्थी का शत-प्रतिशत नामांकन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए शिक्षा विभाग विशेष रणनीति तैयार कर घर-घर संपर्क अभियान चलाए तथा नियमित समीक्षा करते हुए हर बच्चे को विद्यालय से जोड़े।
कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि जिन बच्चों ने अब तक विद्यालय में प्रवेश नहीं लिया है, उनकी तत्काल पहचान कर नामांकन कराया जाए। महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से आंगनवाड़ी से पहली कक्षा में प्रवेश लेने वाले बच्चों की सूची प्राप्त कर उनकी निगरानी की जाए। साथ ही कक्षा 5 से 6 में प्रवेश लेने वाले ऐसे विद्यार्थियों को भी चिन्हित किया जाए, जिन्होंने अभी तक स्कूल में दाखिला नहीं लिया है।
बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने बीईओ, बीआरसी एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्वयं मैदानी स्तर पर सक्रिय होकर प्रत्येक बच्चे तक पहुंचें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी विद्यार्थी स्कूल से बाहर न रहे। उन्होंने निजी विद्यालयों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश देते हुए कहा कि यदि आवश्यक जानकारी या सहयोग नहीं मिलता है तो संबंधित संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने चाइल्ड ट्रैकिंग एप के माध्यम से प्रत्येक बच्चे का सत्यापन एवं ट्रैकिंग कार्य शीघ्र पूर्ण करने के भी निर्देश दिए।
कलेक्टर ने बैठक में विद्यार्थियों की अपार आईडी (APAAR ID) समयबद्ध तरीके से तैयार करने और डाटा का शत-प्रतिशत मिलान सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले के सभी विद्यालयों में एक सप्ताह के भीतर सभी विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों का शत-प्रतिशत वितरण पूरा किया जाए। अधिकारी स्वयं विद्यालयों का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का सत्यापन करें और वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर तत्काल कार्रवाई करें।
बैठक में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति को लेकर भी कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों को विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर शिक्षकों की उपस्थिति की जांच करने तथा नियमित रूप से उपस्थिति का डाटा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही कक्षा 6, 7 एवं 8 के विद्यार्थियों के प्रगति पत्रक शीघ्र तैयार कर शैक्षणिक गतिविधियों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने कहा कि शिक्षा केवल सरकारी योजना नहीं बल्कि बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव है। इसलिए सभी अधिकारी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें, ताकि रतलाम जिला शत-प्रतिशत नामांकन, समय पर पाठ्यपुस्तक वितरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश के अग्रणी जिलों में अपनी पहचान स्थापित कर सके।
समीक्षा बैठक में सीईओ जिला पंचायत सुश्री वैशाली जैन, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बीआरसी सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत