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नीमच : नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, मध्यप्रदेश, भोपाल के निर्देश तथा कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के निर्देशानुसार जिले में मिलावटी एवं सिंथेटिक दूध के निर्माण, भंडारण एवं विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विशेष निरीक्षण एवं सैंपलिंग अभियान प्रारंभ किया गया है। अभियान के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम द्वारा जिले में संचालित दूध चिलिंग प्लांट (बीएमसी) एवं अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का आकस्मिक निरीक्षण किया जा रहा है। मनासा तहसील के ग्राम राजपुरा स्थित नवीन दूध डेयरी का निरीक्षण किया गया। मौके पर 3000 लीटर क्षमता की बीएमसी में लगभग 1000 लीटर मिश्रित दूध भंडारित पाया गया। चलित खाद्य प्रयोगशाला से प्रारंभिक परीक्षण के बाद मिलावट की आशंका के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अंतर्गत दूध का नमूना जांच हेतु लिया गया। संचालक श्री नवीनसिंह द्वारा मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र एवं आवश्यक प्रशिक्षण प्रमाणपत्र सहित अन्य दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर अधिनियम की धारा 32 के तहत नोटिस जारी किया गया। इसी प्रकार ग्राम बरडिया बनड़ा स्थित श्री कृष्णा दूध डेयरी (बीएमसी) का निरीक्षण किया गया। यहां 5000 लीटर क्षमता की बीएमसी में लगभग 1100 लीटर दूध के साथ मावा, पनीर, दही, घी, लस्सी एवं छाछ भंडारित पाए गए। प्रारंभिक परीक्षण के उपरांत मिश्रित दूध, मावा, पनीर, दही, घी, लस्सी एवं छाछ के कुल सात नमूने जांच हेतु लिए गए। संचालक श्री प्रहलाद धनगर द्वारा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर धारा 32 के तहत नोटिस जारी किया गया। रामपुरा तहसील के ग्राम दुधलाई स्थित श्री सांवरिया मिल्क प्लांट के निरीक्षण के दौरान 5000 लीटर क्षमता की बीएमसी में लगभग 4000 लीटर मिश्रित दूध भंडारित पाया गया। मौके पर संचालक श्री कमलेश कुमार जाट के प्लांट का वैध खाद्य पंजीयन नहीं पाया गया। मिश्रित दूध का नमूना जांच हेतु लिया गया तथा वैध खाद्य पंजीयन नहीं होने के कारण प्लांट पर खाद्य निर्माण, भंडारण एवं विक्रय तत्काल बंद कराते हुए संचालक को बिना वैध खाद्य पंजीयन व्यवसाय संचालित नहीं करने के निर्देश दिए गए। आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर धारा 32 के तहत नोटिस जारी किया गया। औद्योगिक क्षेत्र खेतपाल्या स्थित श्री बालाजी फ्रेश दुग्ध डेयरी का भी आकस्मिक निरीक्षण किया गया। यहां 5000 लीटर क्षमता की बीएमसी में लगभग 1500 लीटर दूध भंडारित पाया गया। दूध का नमूना मानक स्तर की जांच के लिए लिया गया। आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर संचालक को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 32 के अंतर्गत सुधार सूचना पत्र जारी किया गया। अभियान के दौरान लिए गए सभी नमूने परीक्षण के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजे गए हैं। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के उपरांत खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अनुसार नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने सभी डेयरी संचालकों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के निर्धारित मानकों के अनुरूप ही खाद्य व्यवसाय संचालित करने के निर्देश दिए। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री राजू सोलंकी, श्री यशवंत कुमार शर्मा एवं उनकी टीम द्वारा की गई। |