रतलाम/भोपाल। मध्य प्रदेश शासन ने शुक्रवार को बड़े प्रशासनिक फेरबदल करते हुए कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इसी क्रम में 2012 बैच के वरिष्ठ IAS अधिकारी अजय कटेसरिया को रतलाम जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। अनुभवी, सख्त और परिणामोन्मुखी अधिकारी के रूप में पहचान रखने वाले अजय कटेसरिया अब रतलाम जिले की विकास योजनाओं, राजस्व प्रशासन, कानून-व्यवस्था और जनकल्याणकारी कार्यों की कमान संभालेंगे।
अजय कटेसरिया इससे पहले मध्य प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग में अपर सचिव के पद पर कार्यरत थे। साथ ही वे मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल, भोपाल के संचालक का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे थे। शासन ने उनके लंबे प्रशासनिक अनुभव और कार्यकुशलता को देखते हुए उन्हें रतलाम जैसे महत्वपूर्ण जिले की जिम्मेदारी सौंपी है।
11 अगस्त 1981 को जन्मे अजय कटेसरिया मूल रूप से झारखंड के निवासी हैं। उन्होंने बी.कॉम की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2012 में UPSC परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयनित हुए। मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) से प्रशिक्षण के बाद उन्होंने मध्य प्रदेश कैडर में अपनी प्रशासनिक यात्रा शुरू की।
अपने सेवा काल में उन्होंने होशंगाबाद में सहायक कलेक्टर, मुरैना में एसडीओ तथा अशोकनगर सहित विभिन्न जिलों में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) के रूप में उल्लेखनीय सेवाएं दीं। इसके बाद फरवरी 2020 से दिसंबर 2021 तक सतना कलेक्टर के रूप में उनका कार्यकाल काफी चर्चित रहा। इस दौरान उन्होंने सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाने, राजस्व मामलों के त्वरित निराकरण और प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर कई प्रभावी अभियान चलाए। उनकी कार्यशैली को नियम आधारित, अनुशासित और जनहित केंद्रित माना जाता है।
लंबे समय तक सचिवालय में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने के बाद अब वे एक बार फिर जिला प्रशासन की कमान संभालने जा रहे हैं। प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि उनके अनुभव का लाभ रतलाम जिले को मिलेगा और विकास कार्यों में नई गति देखने को मिल सकती है।
वहीं, रतलाम की निवर्तमान कलेक्टर सुश्री मिशा सिंह (2016 बैच) का स्थानांतरण शहडोल कलेक्टर के रूप में किया गया है। अक्टूबर 2025 से रतलाम में पदस्थ रहते हुए उन्होंने राजस्व शिविरों की प्रभावी मॉनिटरिंग, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत समयबद्ध सेवाओं की उपलब्धता तथा जनसुनवाई व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके कार्यकाल को प्रशासनिक स्तर पर सकारात्मक माना गया।
अब जिले की कमान अजय कटेसरिया के हाथों में आने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था, विकास परियोजनाओं, राजस्व प्रबंधन, कानून-व्यवस्था और आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर नई उम्मीदें जताई जा रही हैं। शासन के इस फैसले के बाद रतलाम में एक नए प्रशासनिक अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है, जिस पर जिले के नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की निगाहें टिकी हुई हैं।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत