रतलाम। जिले में राजस्व व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया ने गुरुवार को राजस्व अधिकारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक लेकर लंबित प्रकरणों, विभागीय कार्यों एवं शासन की प्राथमिक योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री वैशाली जैन, अपर कलेक्टर श्री बृजेंद्र रावत, जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार एवं संबंधित राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान कलेक्टर श्री कटेसरिया ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण में रतलाम जिला प्रदेश के टॉप-5 जिलों में अपनी पहचान बनाए रखे। इसके लिए नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, राजस्व वसूली तथा अन्य लंबित प्रकरणों का त्वरित, गुणवत्तापूर्ण एवं नियमसम्मत निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी अपने क्षेत्र के प्रकरणों की नियमित समीक्षा करें तथा अनावश्यक लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाएं।
सीमांकन प्रकरणों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी करते हुए कहा कि अब प्रत्येक सीमांकन रिपोर्ट में पूर्व सीमांकन का पूरा विवरण अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा।
पटवारी द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में पुराने सीमांकन का रिकॉर्ड, नक्शा एवं संबंधित अभिलेखों का उल्लेख करना होगा। साथ ही सीमांकन दल मौके पर जाते समय पूर्व सीमांकन से जुड़े दस्तावेज साथ लेकर जाए, ताकि पुराने और वर्तमान सीमांकन का तुलनात्मक परीक्षण कर किसी भी प्रकार के विवाद की संभावना को समाप्त किया जा सके तथा निर्णय पूरी तरह तथ्यपरक एवं नियमानुसार हो।
कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि राजस्व अधिकारियों द्वारा पारित सभी आदेशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अब राजस्व आदेशों की मॉनीटरिंग लोक सेवा प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से की जाएगी, जिससे प्रत्येक आदेश की प्रगति पर सतत निगरानी रखी जा सके और आम नागरिकों को समय पर न्याय एवं राहत मिल सके।
समीक्षा बैठक में नामांतरण, बंटवारा, राजस्व वसूली, भू-अर्जन प्रकरण, मुआवजा वितरण, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, ई-केवाईसी, फार्मर रजिस्ट्री, आधार सीडिंग, भूमि स्वामी परिमार्जन, साइबर तहसील, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन तथा लोक सेवा गारंटी अधिनियम से जुड़े लंबित मामलों की बिंदुवार समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की सभी जनहितकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक के अंत में कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया ने सभी राजस्व अधिकारियों से कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रत्येक अधिकारी पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें, ताकि राजस्व सेवाओं में आम नागरिकों का विश्वास और अधिक मजबूत हो तथा रतलाम जिला प्रदेश में उत्कृष्ट प्रशासनिक कार्यप्रणाली का उदाहरण बनकर अपनी अग्रणी पहचान कायम रख सके।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत