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पंजाब में पकड़ी गई 66.79 लाख नशीली गोलियों के बाद CBN की बड़ी कार्रवाई 19.255 किलो संदिग्ध ट्रामाडोल और CBCS सिरप की 305 बोतलें भी बरामद.... मेरठ/नई दिल्ली। नशीली और साइकोट्रोपिक दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) ने ऑपरेशन वज्र 2.0 के तहत एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पंजाब के एसएएस नगर के सिसवां में 27-28 अगस्त को 66 लाख 79 हजार 980 साइकोट्रोपिक टैबलेट और कैप्सूल की विशाल खेप पकड़े जाने के बाद अब इस मामले की कड़ी मेरठ तक पहुंच गई है। CBN की टीम ने 30-31 अगस्त की दरमियानी रात मेरठ स्थित एक गैर-पंजीकृत अवैध गोदाम पर छापा मारकर भारी मात्रा में साइकोट्रोपिक दवाएं बरामद की हैं। CBN के अनुसार मेरठ के इस गोदाम से 3,93,289 साइकोट्रोपिक कैप्सूल और टैबलेट 19.255 किलोग्राम खुली संदिग्ध ट्रामाडोल टैबलेट तथा CBCS सिरप की 305 बोतलें जब्त की गई हैं। जांच में सामने आया है कि यही गोदाम पंजाब के सिसवां से पहले जब्त की गई 66.79 लाख साइकोट्रोपिक टैबलेट-कैप्सूल की खेप का मुख्य स्रोत/उत्पत्ति स्थल था। गोदाम की तलाशी के दौरान CBN अधिकारियों को अलग-अलग प्रकार की साइकोट्रोपिक दवाओं का बड़ा स्टॉक मिला। जब्ती में 30,800 नाइट्राजेपाम टैबलेट 1,55,524 ट्रामाडोल टैबलेट/कैप्सूल 1,23,560 क्लोनाज़ेपाम टैबलेट और 83,405 अल्प्राजोलम टैबलेट शामिल हैं। इसके अलावा 19.255 किलोग्राम खुली संदिग्ध ट्रामाडोल टैबलेट भी बरामद हुईं। CBCS सिरप की 305 बोतलों में 180 बिना लेबल वाली बोतलें और 125 CBCS सिरप की बोतलें शामिल हैं। CBN की अनुवर्ती जांच के दौरान आरोपी से पूछताछ में मेरठ स्थित उस गोदाम की जानकारी सामने आई, जहां से कथित तौर पर पंजाब भेजी गई बड़ी खेप के कार्टन ट्रक में लोड किए गए थे। आरोपी के खुलासे और गोदाम की पहचान के बाद CBN की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 30-31 अगस्त की रात तलाशी अभियान चलाया। तलाशी और जब्ती की कार्रवाई आसान नहीं थी। अधिकारियों ने 11 घंटे से अधिक समय तक लगातार कार्रवाई करते हुए बरामद सामग्री की विस्तृत सूची तैयार की, उसका परीक्षण किया और निर्धारित प्रक्रिया के तहत सील किया। पूरी प्रतिबंधित सामग्री को NDPS एक्ट 1985 के संबंधित प्रावधानों के तहत जब्त किया गया। CBN की इस कार्रवाई को बड़े अंतरराज्यीय फार्मास्युटिकल डायवर्जन रैकेट की सप्लाई चेन तक पहुंचने की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि प्रतिबंधित और साइकोट्रोपिक दवाओं को वैध फार्मास्युटिकल चैनल से कथित रूप से अवैध नेटवर्क तक कैसे पहुंचाया जा रहा था और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन से व्यक्ति संस्थाएं तथा स्थान जुड़े हुए हैं। CBN का कहना है कि आगे की जांच में दवाओं के निर्माण से लेकर भंडारण परिवहन और अवैध वितरण तक पूरी सप्लाई चेन को खंगाला जाएगा। नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संस्थाओं की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। पंजाब के सिसवां में पकड़ी गई 66,79,980 साइकोट्रोपिक टैबलेट/कैप्सूल के बाद मेरठ में हुई यह अनुवर्ती कार्रवाई इस पूरे मामले की गंभीरता को और बढ़ाती है। CBN की कार्रवाई से संकेत मिला है कि मामला केवल एक खेप तक सीमित नहीं है बल्कि इसके पीछे एक संगठित और अंतरराज्यीय आपूर्ति नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि नशा मुक्त भारत के लक्ष्य के तहत अवैध नशीली दवाओं और साइकोट्रोपिक पदार्थों के डायवर्जन तस्करी और वितरण के खिलाफ खुफिया जानकारी आधारित अभियान लगातार जारी रहेंगे। मेरठ की यह कार्रवाई इसी अभियान में एक बड़ी सफलता के रूप में सामने आई है। रिपोर्ट : जितेंद्र कुमावत |