भोपाल/रतलाम। भारत आदिवासी पार्टी ने आगामी राजनीतिक और सांगठनिक गतिविधियों को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में भोपाल में पार्टी की प्रदेश स्तरीय महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें प्रदेशभर से राष्ट्रीय सदस्य, प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारी और विभिन्न जिलों के जिला अध्यक्ष शामिल हुए। बैठक में संगठन की अब तक की गतिविधियों की समीक्षा के साथ ही आने वाले समय की राजनीतिक दिशा और रणनीति पर विस्तार से मंथन किया गया।
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र रतलाम में प्रस्तावित भारत आदिवासी पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन की तैयारियां रहीं। पार्टी नेतृत्व ने इसे महज एक कार्यक्रम के बजाय संगठन की ताकत और आदिवासी समाज की राजनीतिक एकजुटता को प्रदर्शित करने वाले महत्वपूर्ण मंच के रूप में तैयार करने पर जोर दिया। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से कार्यकर्ताओं और समाज के लोगों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तर पर जिम्मेदारियां तय करने तथा व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने की रणनीति बनाई गई।
सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने बैठक में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि BAP की प्राथमिकता केवल राजनीतिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है बल्कि आदिवासी समाज और आम जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाना है। उन्होंने कहा कि पार्टी की आगामी रणनीति पूर्व में किए गए कार्यों की समीक्षा के आधार पर तैयार की जा रही है और रतलाम का राष्ट्रीय अधिवेशन संगठन के विस्तार और आगामी राजनीतिक दिशा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।
विधायक डोडियार ने जल-जंगल-जमीन, आदिवासी अधिकार, शिक्षा, रोजगार, किसान, युवा और महिलाओं से जुड़े मुद्दों को पार्टी के प्रमुख एजेंडे में शामिल बताते हुए कहा कि इन विषयों को लेकर जमीनी संघर्ष और जनआंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। संगठन को गांव से लेकर पंचायत और बूथ स्तर तक मजबूत करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
बैठक में आगामी दिनों में प्रदेशभर में जनसंपर्क अभियान तेज करने, नए कार्यकर्ताओं को संगठन से जोड़ने, जिला एवं स्थानीय स्तर पर सक्रिय टीम तैयार करने तथा पार्टी की विचारधारा और मुद्दों को अधिक व्यापक स्तर तक पहुंचाने की कार्ययोजना पर चर्चा हुई।
BAP नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि आगामी राष्ट्रीय अधिवेशन को सफल बनाने के लिए अभी से मैदान में उतरें और समाज के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच बनाएं। ऐसे में रतलाम में प्रस्तावित राष्ट्रीय अधिवेशन को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। आने वाले दिनों में इसकी तैयारियां किस स्तर तक पहुंचती हैं और प्रदेशभर से कितनी बड़ी भागीदारी जुटती है, इस पर सभी की नजरें रहेंगी।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत