रतलाम /बाजना। बाजना में गुरुवार को लगने वाला साप्ताहिक हाट बाजार इस बार पूरी तरह बंद रहा। पंचायत द्वारा आयोजित सार्वजनिक ग्रामसभा में लिए गए निर्णय के बाद बाजार बंद रखने का व्यापक असर देखने को मिला। बाजार बंद रहने से जहां स्थानीय व्यापारियों ने निर्णय का समर्थन किया, वहीं दूर-दराज के गांवों से खरीदारी और व्यापार के लिए पहुंचे ग्रामीणों तथा बाहर से आए व्यापारियों को दिनभर इधर-उधर भटकना पड़ा।
हाट बाजार बंद होने के कारण बाहर से आने वाले व्यापारियों को चाय-नाश्ते तक के लिए परेशानी उठानी पड़ी। कई व्यापारी सुबह बाजार लगने की उम्मीद में अपने सामान के साथ बाजना पहुंचे, लेकिन बाजार बंद देखकर उन्हें वापस लौटना पड़ा। इससे कुछ बाहरी व्यापारियों में असंतोष भी नजर आया।
हालांकि, बाजार पूरी तरह बंद रहने के बावजूद शराब की दुकान, मेडिकल स्टोर और बंगाली डॉक्टरों का कारोबार चलता रहा, जबकि अन्य अधिकांश व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह बंद रहीं। बाजार क्षेत्र में सामान्य दिनों की अपेक्षा सन्नाटा पसरा रहा।
गांव के युवा नेता रोनक गांधी और विवेक जैन (भुरु भाई) ने कहा कि बाजार बंद को लेकर गांव की जनता का पूर्ण सहयोग मिला और बाजना का हाट बाजार पूरी तरह सफलतापूर्वक बंद रहा। उनका कहना है कि लंबे समय से दूर-दराज से आने वाले कुछ असामाजिक तत्वों के कारण गांव का माहौल प्रभावित होने की शिकायतें सामने आ रही थीं। इसी को देखते हुए पंचायत द्वारा सार्वजनिक ग्रामसभा आयोजित की गई, जिसमें हाट बाजार बंद रखने का निर्णय लिया गया।
गुरुवार को इस निर्णय का असर साफ दिखाई दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजार बंद कराने का उद्देश्य गांव के माहौल को बेहतर बनाए रखना और असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाना है। वहीं दूसरी ओर बाहर से पहुंचे व्यापारी दूर-दराज से आने वाले लोगों को अनावश्यक परेशानी न उठानी पडी ।
अब देखना होगा कि आने वाले गुरुवार को भी हाट बाजार बंद रखने का निर्णय जारी रहता है या पंचायत और ग्रामीण इस संबंध में कोई नया फैसला लेते हैं।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत