रतलाम / सकरावदा। ग्रामीण अंचल की प्रतिभाएं भी अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के दम पर सफलता की नई इबारत लिख रही हैं। इसका प्रेरणादायी उदाहरण ग्राम सकरावदा की मेधावी छात्रा अंतिमबाला पिता भंवर जी परिहार ने प्रस्तुत किया है।
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सकरावदा में अध्ययनरत अंतिमबाला ने बोर्ड परीक्षा में प्रथम श्रेणी प्राप्त कर अपने परिवार, गांव और विद्यालय का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि पर राज्य सरकार की मुख्यमंत्री प्रतिभावान योजना के तहत स्कूटी प्रदान की गई, जिससे उनकी सफलता को नई पहचान मिली है।
छात्रा की इस उपलब्धि से विद्यालय परिवार और ग्रामीणों में हर्ष का माहौल है। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में सम्मान समारोह आयोजित कर अंतिमबाला का उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य रमेश डोडियार ने छात्रा को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
ग्रामीण बेटियों की सफलता समाज के लिए गौरव
प्राचार्य रमेश डोडियार ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों का शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना पूरे समाज और विद्यालय के लिए गर्व की बात है। विद्यार्थियों की मेहनत और उपलब्धियां अन्य बच्चों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अंतिमबाला भविष्य में भी इसी तरह परिश्रम और लगन के साथ अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर रहेंगी।
अंतिमबाला ने शिक्षकों के प्रति जताया आभार
स्कूटी मिलने पर छात्रा अंतिमबाला ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विद्यालय के समस्त शिक्षक वृंद और स्टाफ के प्रति आभार जताया। उन्होंने अपने सहपाठियों और छोटे विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि जीवन में सफलता हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत, लगन और लक्ष्य के प्रति समर्पण आवश्यक है। नियमित अध्ययन और शिक्षकों के मार्गदर्शन से विद्यार्थी अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।
समारोह में मौजूद रहा विद्यालय परिवार
कार्यक्रम का सफल मंच संचालन विद्यालय के पीटीआई शरद जोशी ने किया। इस अवसर पर विद्यालय का समस्त स्टाफ, विद्यार्थी एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। छात्रा की उपलब्धि ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि प्रतिभा किसी क्षेत्र की मोहताज नहीं होती। उचित मार्गदर्शन, परिश्रम और प्रोत्साहन मिलने पर ग्रामीण अंचल के विद्यार्थी भी सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकते हैं।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत